टीम इंडिया पर बोझ बन गया यह खिलाड़ी, लेकिन कोच-कप्तान चाहकर भी नहीं कर सकते हैं इसे बाहर
Published - 01 Oct 2026, 05:38 PM | Updated - 01 Oct 2026, 05:52 PM
भारतीय क्रिकेट टीम (Team India) में इस समय कई युवा खिलाड़ी अपनी जगह पक्की करने की जद्दोजहद में जुटे हैं। इनमें वैभव सूर्यवंशी से लेकर सुंदर और तिलक वर्मा का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है, लेकिन पिछले कुछ दौरों पर एक खिलाड़ी का प्रदर्शन टीम प्रबंधन के लिए सिरदर्द बन चुका है। बड़े शॉट्स खेलने में नाकामी और दबाव भरे मैच में असफल होने की आदत ने उनके चयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके बावजूद कोच और कप्तान के लिए उन्हें बाहर का रास्ता दिखाना आसान नहीं है।
Team India के लिए सिरदर्द बना यह खिलाड़ी

भारतीय टीम (Team India) के मीडिल ऑर्जर बल्लेबाज तिलक वर्मा से टीम को मध्यक्रम में जिस कंसीस्टेंसी की उम्मीद थी, वह मैदान पर नजर नहीं आ रही है। स्पिन और तेज गेंदबाजी दोनों के खिलाफ उनकी टाइमिंग बिगड़ती दिखी है, जिससे बीच के ओवरों में रन गति धीमी पड़ जाती है।
टी20 और वनडे जैसे फोर्मेट में जब टीम को तेजी से रन बटोरने की जरूरत होती है, तब उनका क्रीज पर टिककर डॉट गेंदें खेलना दबाव निचले क्रम के बल्लेबाजों पर दबाब डाल देता है।
हालिया पारियों में उनके बल्ले से कोई बड़ी पारी नहीं निकली है। बार-बार एक ही तरह से आउट होना यह दर्शाता है कि उनकी तकनीक में खामियां आ चुकी हैं, जिसे विपक्षी टीमें आसानी से भुना रही हैं। फैंस और विशेषज्ञ भी अब उनके इस गिरते प्रदर्शन पर लगातार उंगलियां उठा रहे हैं।
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मिडिल ऑर्डर में तिलक की भरपाई मुश्किल
खराब फॉर्म के बावजूद टीम प्रबंधन उन्हें एकादश से बाहर करने में हिचकिचा रहा है, जिसकी सबसे बड़ी वजह टीम इंडिया (Team India) का संतुलन है। भारतीय बल्लेबाजी क्रम में टॉप ऑर्डर से लेकर मध्यक्रम तक दाएं हाथ के बल्लेबाजों की भरमार है। ऐसे में तिलक वर्मा बाएं हाथ के बल्लेबाज होने के नाते विरोधी गेंदबाजों की लाइन-लेंथ बिगाड़ने के लिए बेहद उपयोगी विकल्प माने जाते हैं।
इसके अलावा, वह पार्ट-टाईम ऑफ-स्पिन गेंदबाजी करने की क्षमता भी रखते हैं, जो छठे गेंदबाज के रूप में भारतीय टीम (Team India) को एक अतिरिक्त विकल्प प्रदान करती है। टीम के पास मौजूदा समय में ऐसा कोई अन्य बाएं हाथ का मध्यक्रम बल्लेबाज तैयार नहीं दिख रहा है जो सीधे आकर उनकी जगह ले सके।
यही वजह है कि कोच और कप्तान चाहकर भी उन्हें बेंच पर नहीं बैठा पा रहे हैं। अक्षर पटेल इस विकल्प को मजबूती नहीं दे सकते, क्योंकि वो बतौर गेंदबाज-ऑलराउंडर टीम में खेलते हैं।
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तिलक को भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा ?
तिलक वर्मा को टीम इंडिया (Team India) का भविष्य मानकर टीम प्रबंधन ने उन पर काफी समय और भरोसा जताया है। वेस्टइंडीज दौरे पर उनके शुरुआती प्रभाव को देखकर यह माना गया था कि वह लंबे वक्त तक टीम के लिए किफायती साबित होंगे। ऐसे में किसी खिलाड़ी को कुछ खराब श्रृंखलाओं के बाद अचानक बाहर कर देने से उसका मनोबल पूरी तरह टूट सकता है।
टीम प्रबंधन उन्हें पर्याप्त मौके देकर फॉर्म में वापसी का अवसर देना चाहता है ताकि आगामी बड़े टूर्नामेंटों के लिए एक मजबूत पूल बना रहे। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में धैर्य की भी एक सीमा होती है। अगर तिलक जल्द ही अपनी कमजोरियों को दूर कर बड़ी पारियां नहीं खेलते हैं, तो घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे अन्य दावेदार उनके जगह को छीनने में देर नहीं लगाएंगे।
ऑथर के बारे में
यह लेखक Cricketaddictor का एक सदस्य है जो क्रिकेट से जुड़ी खबरों और विश्लेषण पर लिखता है।