टीम इंडिया में खेलना डिजर्व करते थे ये 4 स्टार खिलाड़ी, लेकिन जिंदगीभर खेलते रह गए सिर्फ रणजी
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टीम इंडिया (Team India) में जगह बनाना आज के समय में थोड़ा आसान काम हो गया है, क्योंकि अब पहले की तुलना में ज्यादा मुकाबले खेले जाते हैं। वहीं, आईपीएल और अलग-अलग राज्यों में होने वाली टी20 लीग में भी अच्छा करते हुए नेशनल टीम में जगह बनाने का मौका रहता है। हालांकि, पहले ऐसा नहीं होता था और घरेलू क्रिकेट में ही खिलाड़ियों को अपना जौहर दिखाकर चयनकर्ताओं को प्रभावित करना होता था।
खासतौर पर भारत की टेस्ट टीम में एंट्री काफी मुश्किल होती थी। इसी वजह से ऐसे कई खिलाड़ी रहे जो डोमेस्टिक में ही रेड बॉल क्रिकेट खेलकर रह गए लेकिन उन्हें कभी टीम इंडिया (Team India) में मौका नहीं मिला। इस लेख में हम ऐसे ही 4 खिलाड़ियों का जिक्र करने जा रहे हैं।
इन 4 रणजी स्टार्स को कभी नहीं मिला Team India के लिए खेलने का मौका
1. अमोल मजूमदार
इस लिस्ट में पहला नाम मुंबई के पूर्व बल्लेबाज और महिला टीम इंडिया (Team India) के मौजूद हेड कोच अमोल मजूमदार का है। मजूमदार को डोमेस्टिक में रन मशीन कहा जाता था और सभी को लगता था कि यह खिलाड़ी एक दिन टेस्ट क्रिकेट में अपना जलवा दिखाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मजूमदार रेड बॉल में फर्स्ट क्लास क्रिकेट तक ही सीमित रहे और 2014 में रिटायर भी हो गए।
सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे दिग्गजों के कारण उन्हें कभी टीम इंडिया में मौका नहीं मिला। इस खिलाड़ी ने फर्स्ट क्लास में 171 मैचों में 11167 रन बनाए, जिसमें 30 शतक और 60 अर्धशतक शामिल रहे।
2. मिथुन मन्हास

BCCI के मौजूदा अध्यक्ष मिथुन मन्हास भी उन अनलकी खिलाड़ियों में से एक हैं, जिन्होंने रेड बॉल क्रिकेट में खूब जलवा बिखेरा लेकिन कभी टीम इंडिया (Team India) के लिए नहीं खेल पाए। मन्हास को लेकर कहा जाता है कि वे गलत एरा में पैदा हो गए, क्योंकि भारत की टेस्ट टीम में एक से बढ़कर एक खिलाड़ी उस दौर में मौजूद थे। अमोल मजूमदार की तरह ही मन्हास को भी इसी वजह से मौका नहीं मिला।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में मिथुन मन्हास का रिकॉर्ड भी शानदार रहा। उन्होंने 157 मैचों में 45.82 के औसत से 9714 रन बनाए। इस दौरान 27 शतक और 49 अर्धशतक भी जड़े।
3. प्रियंक पांचाल
गुजरात के ओपनर प्रियांक पांचाल भी टीम इंडिया (Team India) के लिए खेले बिना ही रिटायर हो गए। 2008 में अपने फर्स्ट क्लास करियर की शुरुआत करने वाले इस खिलाड़ी ने रणजी ट्रॉफी और अन्य रेड बॉल टूर्नामेंट में काफी अच्छा किया। हालांकि, उन्हें लंबे समय तक चयन के लिए नजरअंदाज किया गया। वहीं, 2021-22 में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर रोहित शर्मा के रिप्लेसमेंट के रूप में चुने गए लेकिन उन्हें डेब्यू का मौका नहीं मिला।
इसके बाद तो उन्हें टीम इंडिया के स्क्वाड में भी बरकरार नहीं रखा गया और बाहर कर दिया गया। उन्होंने फर्स्ट क्लास में 127 मैच खेले और 45.18 के औसत से 8856 रन बनाए। पांचाल के बल्ले से 29 शतक और 34 अर्धशतक भी आए।
4. रणदेब बोस
बंगाल के लिए घरेलू क्रिकेट में चमक बिखेरने वाले तेज गेंदबाज रणदेव बोस को भी भारतीय टीम (Team India) की तरफ से कभी खेलने का मौका नहीं मिला। उन्हें 2007 के इंग्लैंड दौरे के लिए चुना गया था लेकिन प्लेइंग XI में जगह नहीं बना सके। बोस की गिनती डोमेस्टिक रेड बॉल क्रिकेट के टॉप गेंदबाजों में होती थी।
इस तेज गेंदबाज ने फर्स्ट क्लास में 91 मुकाबले खेले और 376 विकेट झटके। उस दौर में जहीर खान, एस श्रीसंत, आरपी सिंह जैसे तेज गेंदबाजों के कारण रणदेब का करियर डोमेस्टिक तक ही सीमित रह गया।
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