न्यूजीलैंड टेस्ट में जगह के हकदार थे ये 3 खिलाड़ी, लेकिन कोच गंभीर ने अपनी चलाते हुए नहीं दिया मौका
Published - 17 Oct 2026, 06:46 PM | Updated - 17 Oct 2026, 07:20 PM
हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) अपने कड़े फैसलों और आक्रामक मिजाज के लिए जाने जाते हैं, लेकिन कई बार उनकी यह रणनीति कुछ खिलाड़ियों के सालों के पसीने पर भारी पड़ जाती है। घरेलू क्रिकेट और इंडिया-ए के दौरों पर लगातार रन और विकेट बटोरने वाले कुछ चेहरे इस बार भी ड्रेसिंग रूम के बाहर ही खड़े रह गए। गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) के अपने खास गेम-प्लान और टीम कॉम्बिनेशन के चक्कर में ये 3 खिलाड़ी टेस्ट स्क्वॉड में जगह पाने के पूरे हकदार होकर भी नजरअंदाज हो गए।
अभिमन्यु ईश्वरन का सालों का सब्र फिर टूटा

घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार लगाना क्या होता है, यह कोई अभिमन्यु ईश्वरन से पूछे। बंगाल के इस ओपनर ने रेड-बॉल क्रिकेट में लगातार खुद को साबित किया है, चाहे बात इंडिया-ए के विदेशी दौरे की हो या रणजी ट्रॉफी के दबाव भरे मैचों की।
न्यूजीलैंड की तेज हवाओं और सीमिंग पिचों पर जिस तरह के ठोस डिफेंस और धैर्य की दरकार होती है, ईश्वरन उस सांचे में बिल्कुल फिट बैठते हैं। लेकिन कोच गोतम गंभीर (Gautam Gambhir) की रणनीति में युवा आक्रामकता और बहुमुखी प्रतिभा को तरजीह दिए जाने के चलते 30 की दहलीज पर खड़े ईश्वरन एक बार फिर कतार में पीछे छूट गए।
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सरफराज खान भी Gautam Gambhir की लिस्ट से दूर
सरफराज खान जब भी क्रीज पर उतरते हैं, ऐसा लगता है रनों की भूख कभी खत्म ही नहीं होगी। टेस्ट क्रिकेट में जब भी उन्हें मौका मिला, उन्होंने साबित किया कि वे सिर्फ घरेलू पिचों के शेर नहीं हैं। लेकिन गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) के नए सेटअप में ऑलराउंडर्स की भरमार को
इतनी तवज्जो मिल रही है कि सरफराज जैसे ठेठ टेस्ट बल्लेबाज के लिए जगह बनाना टेढ़ी खीर हो गया है। नतीजा यह कि जो खिलाड़ी मिडिल ऑर्डर की रीढ़ बन सकता था, उसे प्लेइंग-11 तो दूर, 16 सदस्यीय कोर ग्रुप के इर्द-गिर्द भी अपनी जगह बचाने के लिए जूझना पड़ रहा है।
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मुकेश कुमार की सटीक सीम को नजरअंदाज
न्यूजीलैंड की हरी पिचों पर 150 की रफ्तार से ज्यादा कारगर वह गेंदबाज होता है जो गेंद को लगातार एक ही जगह टप्पा खिलाकर दोनों तरफ हरकत करा सके। मुकेश कुमार के पास यही हुनर है। उनका अनुशासन और सीम का इस्तेमाल बड़े-बड़े बल्लेबाजों को छकाने के लिए जाना जाता है।
लेकिन गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) और टीम मैनेजमेंट का पूरा ध्यान इस वक्त सिर्फ तूफानी रफ्तार और एक्स-फैक्टर वाले गेंदबाजों पर टिका है। रफ्तार के इस मोह में सटीक लाइन और अनुशासन से बल्लेबाजों को बांधने वाले मुकेश कुमार कीवी दौरे की मुख्य रणनीति से पूरी तरह गायब नजर आ रहे हैं।
ऑथर के बारे में
यह लेखक Cricketaddictor का एक सदस्य है जो क्रिकेट से जुड़ी खबरों और विश्लेषण पर लिखता है।