वेस्टइंडीज टी20 सीरीज खेल रहे ये 3 खिलाड़ी, लेकिन ओलंपिक में नहीं मिलेगी इन्हें जगह
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2028 में ओलंपिक (Olympics) का आयोजन लॉस एंजिल्स में होगा। 128 साल बाद क्रिकेट को भी इस बहु-खेल इवेंट में जगह मिली है और टी20 फॉर्मेट में मुकाबले होंगे। इससे पहले क्रिकेट 1900 में पेरिस ओलंपिक में खेला गया था। इस खेल की वापसी से क्रिकेट प्रेमी काफी खुश हैं। टीम इंडिया के चाहने वाले भी उत्साहित हैं, क्योंकि भारत भी इसमें हिस्सा लेगा।
हाल ही में भारत की पुरुष टीम ने एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा लिया था और इसमें हुए मेंस क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल को जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसके बाद, अब भारतीय टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज खेल रही है। हालांकि, इस सीरीज के लिए स्क्वाड में शामिल 3 भारतीय खिलाड़ी ऐसे हैं, जिन्हें शायद 2028 ओलंपिक (Olympics) के लिए न चुना जाए। उनका ही जिक्र हम इस लेख में करने जा रहे हैं।
वेस्टइंडीज टी20 सीरीज के लिए स्क्वाड में शामिल इन 3 खिलाड़ियों का Olympics में चयन मुश्किल
1. कुलदीप यादव

इस लिस्ट में पहला नाम स्पिनर कुलदीप यादव का है। कुलदीप काफी समय से सबसे छोटे फॉर्मेट के लिए टीम इंडिया के प्रमुख स्पिनर नहीं थे लेकिन अफगानिस्तान टी20 सीरीज के दौरान वरुण चक्रवर्ती के इंजर्ड होने के कारण उन्हें वेस्टइंडीज सीरीज में मौका मिला।
हालांकि, इस 31 वर्षीय खिलाड़ी को आगे चलकर ओलंपिक (Olympics) में भी मौका मिलेगा। इसकी संभावना कम ही नजर आती है, क्योंकि वरुण चक्रवर्ती मुख्य दावेदार होंगे और स्पिन ऑलराउंडर्स को तवज्जो दी जा सकती है, जो बल्लेबाजी में भी माहिर हों।
2. शिवम दुबे
भारत की पिछली दो टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीत का हिस्सा रहने वाले ऑलराउंडर शिवम दुबे भी वेस्टइंडीज सीरीज में खेल रहे हैं। हालांकि, दुबे का ओलंपिक (Olympics) में खेलने का सपना टूट सकता है, क्योंकि वे गेंदबाजी में ज्यादा योगदान नहीं दे पाते हैं। वहीं, फील्डिंग में भी ज्यादा अच्छा नहीं हैं।
इसी वजह से शिवम दुबे को ड्रॉप किया जा सकता है। भारत के पास हार्दिक पांड्या और नीतीश कुमार रेड्डी के रूप में दो बेहतरीन पेस बॉलिंग ऑलराउंड मौजूद हैं। इनमें से एक या फिर दोनों को 2028 ओलंपिक के लिए चुना जा सकता है।
3. प्रिंस यादव
तेज गेंदबाज प्रिंस यादव का भी ओलंपिक (Olympics) से पत्ता कट सकता है। उन्हें वेस्टइंडीज सीरीज के लिए स्क्वाड में चुना गया है लेकिन अभी तक एक भी मैच की प्लेइंग XI में नहीं मौका मिला है। प्रिंस को तभी शामिल किया जाता है, जब मुख्य गेंदबाज उपलब्ध न हों।
ओलंपिक के लिए ज्यादातर बड़े नाम फिट रहने पर उपलब्ध रहेंगे। इसी वजह से प्रिंस की दावेदारी कमजोर लग रही है। अगर उन्होंने आने वाले समय में अच्छा प्रदर्शन किया तो जरूरी चुने जाने की रेस में शामिल हो सकते हैं, अन्यथा मौका मिलने की संभावना कम ही है।
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