Team India player Jaydev Unadkat decided to play for county Sussex in England

Team India: बदलाव के दौर से गुज़र रही भारतीय टीम में कई युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जा रहा है. हालांकि कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं, जिन्हें भारतीय टीम में मौका नहीं मिल पा रहा है. फिलहाल भारतीय टीम आयरलैंड दौरे पर है. जहां पर तीन मैच की टी-20 सीरीज़ का आगाज़ 18 अगस्त से होने वाला है. सीरीज़ का आखिरी मुकाबला 23 अगस्त को होगा. हालांकि इस दौर से पहले टीम इंडिया (Team India) के एक स्टार गेंदबाज़ ने भारत छोड़ किसी और देश में खेलने का फैसला किया है. क्या है वजह आइये जानते हैं.

आयरलैंड दौरे पर नहीं मिला मौका

Team India बीसीसीआई चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर ने आयरलैंड सीरीज़ के लिए कई युवा खिलाड़ियों को मौका दिया है. जिन्होंने आईपीएल 2023 में कमाल का प्रदर्शन किया था. वहीं बोर्ड ने इस दौरे के लिए जसप्रीत बुमराह को कप्तान बनाया है. लेकिन आयरलैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज़ में टीम इंडिया (Team India) के स्टार गेंदबाज़ जयदेव उनादकट को मौका नहीं मिला है.

उन्हें कुछ दिन पहले वेस्टइंडीज़ के खिलाफ 2 टेस्ट और 3  मैच की वनडे सीरीज़ में मौका मिला था. लेकिन वह खासा कमाल नहीं कर सके थे. लेकिन अब उन्होंने भारत छोड़ किसी और देश में क्रिकेट खेलने का फैसला किया है.

इंग्लैंड में खेलेंगे क्रिकेट

Jaydev Unadkat

टीम इंडिया (Team India)से इन दिनों दूर चल रहे जयदेव उनादकट ने इंग्लैंड में आयोजित हो रही काउंटी क्रिकेट खेलने का फैसला किया है. उन्होंने ससेक्स टीम को साइन करने का फैसला किया है. हालांकि वह ससेक्स के लिए केवल तीन मैच ही खेलेंगे. बता दें कि ससेक्स टीम की कमान कुछ दिन पहले भारतीय बल्लेबाज़ चेतेश्वर पुजारा के कंधो पर थी. वहीं जयदेव के अलावा पृथ्वी शॉ भी इंग्लैंड में आयोजित हो रही वनडे कप में नॉर्थम्पटन शायर की ओर से हिस्स ले रहे हैं.

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Cricbuzz (@cricbuzzofficial)

जयदेव उनादकट का ऐसा रहा है इंटरनेशनल करियर

Jaydev Unadkat

जयदेव उनादकट ने साल 2010 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपना डेब्यू किया था. हालांकि वह अपनी जगह को टीम इंडिया (Team India)में स्थाई करने में नाकाम साबित हुए हैं. टीम इंडिया की ओर से 4 टेस्ट मैच खेलते हुए उनादकट ने 3 विकेट, 8 वनडे मैच खेलते हुए 9 विकेट, जबकि 10टी-20 मैच खेलते हुए इस खिलाड़ी ने 14 बल्लेबाज़ों को पवेलियन की राह दिखाई है.

यह भी पढ़ें: 1983 से लेकर 2013 तक…टीम इंडिया के लिए लकी साबित हुए विदेशी कोच, 5 बार ICC की ट्रॉफी पर भारत ने जमाया कब्ज़ा