इस युवा स्टार की अनदेखी पर गावस्कर नाराज़, चयनकर्ताओं को दी खुली चेतावनी, कहा 'इसे कब मिलेगा मौका?....'
Published - 26 Feb 2026, 04:13 PM | Updated - 26 Feb 2026, 04:33 PM
भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने एक बार फिर चयनकर्ताओं की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। इस बार उनकी नाराजगी की वजह जम्मू-कश्मीर के इस ऑलराउंडर की अनदेखी है। गावस्कर का मानना है कि घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को केवल इसलिए नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि वे आईपीएल के बड़े सितारे नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रणजी ट्रॉफी की मेहनत को आईपीएल की चमक-धमक से ऊपर रखा जाना चाहिए।
आकिब नबी प्रदर्शन पर Sunil Gavaskar का बड़ा बयान

पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने मिड-डे के लिए लिखे अपने हालिया कॉलम में जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज और उपयोगी बल्लेबाज आकिब नबी का पक्ष मजबूती से रखा है। आकिब नबी ने चल रही रणजी ट्रॉफी 2025-26 में गेंद और बल्ले दोनों से तहलका मचाया है।
उन्होंने न केवल विकेट चटकाए हैं बल्कि दबाव की स्थिति में टीम के लिए महत्वपूर्ण रन भी बनाए हैं। गावस्कर ने कहा कि आकिब जैसे खिलाड़ियों के पास वह तकनीक है जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए जरूरी है।
उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि अगर घरेलू सत्र के टॉप प्रदर्शन करने वालों को राष्ट्रीय टीम या इंडिया-ए में जगह नहीं मिलती, तो रणजी ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का महत्व कम हो जाएगा। गावस्कर के अनुसार, चयनकर्ताओं को केवल टी20 लीग के प्रदर्शन के आधार पर टेस्ट या वनडे टीम का चयन करने की आदत छोड़नी होगी।
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Sunil Gavaskar ने चयन का पैमाना बताया
क्रिकेट जैसे खेल में यह बहस पुरानी है कि चयन का मुख्य आधार क्या होना चाहिए। सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने इस बहस को एक नई दिशा देते हुए दिल्ली कैपिटल्स के खेमे में शामिल आकिब नबी का उदाहरण दिया।
उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी खिलाड़ी को भारतीय टीम में आने के लिए आईपीएल के प्लेइंग इलेवन में चमकना अनिवार्य है? गावस्कर ने कहा कि रणजी ट्रॉफी में लाल गेंद से पांच दिनों तक पसीना बहाने वाले खिलाड़ी को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
उन्होंने चयनकर्ताओं को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि आकिब नबी जैसे मैच विनर को सही समय पर मौका नहीं मिला, तो भारत अपना एक बेहतरीन ऑलराउंडर खो सकता है। गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने याद दिलाया कि टेस्ट क्रिकेट की मजबूती प्रथम श्रेणी क्रिकेट से आती है, न कि चार ओवर के स्पेल डालने वाले टूर्नामेंट से। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर भी एक नई चर्चा छेड़ दी है।
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चयनकर्ताओं को Sunil Gavaskar की नसीहत
अपने बेबाक अंदाज के लिए मशहूर सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने भारतीय टीम के भविष्य को लेकर चयनकर्ताओं को दूरदर्शी होने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि आगामी इंग्लैंड दौरे और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल को देखते हुए भारत को ऐसे बैकअप खिलाड़ियों की जरूरत है जो लंबे स्पेल डाल सकें और निचले क्रम में बल्लेबाजी की गहराई दे सकें।
आकिब नबी में उन्हें वे सभी गुण नजर आते हैं। गावस्कर ने जोर देकर कहा कि "इसे कब मिलेगा मौका?" यह केवल एक खिलाड़ी का सवाल नहीं, बल्कि उन हजारों घरेलू क्रिकेटरों की आवाज है जो साल भर मेहनत करते हैं। उन्होंने चयन समिति से आग्रह किया कि वे केवल बड़े नामों या आईपीएल की नीलामी की कीमतों पर न जाएं, बल्कि मैदान पर दिखाए गए चरित्र और आंकड़ों को देखें।
गावस्कर (Sunil Gavaskar) की इस खुली चेतावनी ने निश्चित रूप से चयनकर्ताओं को पुनर्विचार करने पर मजबूर कर दिया होगा, क्योंकि आकिब नबी जैसे टैलेंट को लंबे समय तक बाहर रखना मुश्किल होगा।
ऑथर के बारे में
सौरभ भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से रेडियो एंड टेलीविजन पत्रकारिता में उच्च शिक्षा प्राप्... रीड मोर