वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी देख भावुक हुए शशि थरूर, सीनियर टीम इंडिया में जगह देने की उठाई मांग

Published - 25 Dec 2025, 02:16 PM | Updated - 25 Dec 2025, 02:17 PM

Vaibhav Suryavanshi

Vaibhav Suryavanshi: भारतीय घरेलू क्रिकेट में कभी-कभार ऐसी पारी देखने को मिलती है, जो सिर्फ रिकॉर्ड नहीं तोड़ती बल्कि भविष्य की आहट भी दे जाती है। वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने विजय हजारे ट्रॉफी में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ ऐसी ही ऐतिहासिक पारी खेली, जिसने क्रिकेट जगत को चौंका दिया।

महज़ 14 साल की उम्र में 84 गेंदों पर 190 रन, वो भी 36 गेंदों में शतक, इस बात का सबूत है कि भारतीय क्रिकेट को एक असाधारण प्रतिभा मिल चुकी है। इस पारी की गूंज संसद से लेकर सोशल मीडिया तक सुनाई दी, जब कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने वैभव की तुलना सीधे सचिन तेंदुलकर से कर दी और सीनियर टीम इंडिया में जगह देने की मांग उठाई।

14 साल की उम्र में रिकॉर्ड्स की झड़ी

वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने जिस तरह से अरुणाचल प्रदेश के गेंदबाज़ों पर हमला बोला, वह लिस्ट ए क्रिकेट के इतिहास में दुर्लभ है। 16 चौके और 15 छक्कों से सजी इस पारी में उन्होंने सिर्फ बाउंड्री की मदद से 150 से ज्यादा रन बना डाले।

वह दोहरे शतक से महज़ 10 रन दूर रह गए, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने सबसे कम उम्र में लिस्ट ए शतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। यही नहीं, रांची में खेले गए इस मुकाबले में उन्होंने 54 गेंदों में 150 रन पूरे कर लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज़ 150 रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।

बिहार का विश्व रिकॉर्ड और गनी-लोहारुका का योगदान

वैभव (Vaibhav Suryavanshi) की पारी सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं रही, बल्कि टीम के लिए भी ऐतिहासिक साबित हुई। कप्तान साकिबुल गनी और विकेटकीपर आयुष लोहारुका के शतकों की बदौलत बिहार ने 6 विकेट पर 574 रन बनाकर लिस्ट ए क्रिकेट में एक पारी का सर्वोच्च स्कोर दर्ज किया।

यह रिकॉर्ड पहले तमिलनाडु के नाम था, जिसने 2022 में 506 रन बनाए थे। गनी ने 32 गेंदों में शतक जड़कर भारत की ओर से लिस्ट ए में सबसे तेज़ शतक का नया रिकॉर्ड भी बना दिया, जबकि लोहारुका ने आक्रामक अंदाज़ में शतक लगाकर स्कोर को ऐतिहासिक ऊंचाई तक पहुंचाया।

शशि थरूर का भावुक संदेश और बड़ी मांग

वैभव (Vaibhav Suryavanshi) की इस ऐतिहासिक पारी के बाद शशि थरूर खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर अजीत अगरकर, गौतम गंभीर, बीसीसीआई और सचिन तेंदुलकर को टैग करते हुए लिखा कि पिछली बार जब किसी 14 साल के लड़के ने ऐसा टैलेंट दिखाया था, तो वह सचिन थे और दुनिया जानती है कि उन्होंने आगे क्या किया।

थरूर ने साफ शब्दों में पूछा कि अब किस बात का इंतज़ार हो रहा है और वैभव को टीम इंडिया में शामिल करने की मांग कर डाली।

दिग्गजों के रिकॉर्ड के बीच Vaibhav Suryavanshi का नाम

वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) की पारी को और खास बनाता है उन दिग्गजों का संदर्भ, जिनके रिकॉर्ड उन्होंने तोड़े या जिनके करीब पहुंचे। लिस्ट ए में सबसे तेज़ 150 रन का रिकॉर्ड पहले एबी डिविलियर्स के नाम था, जबकि सबसे कम उम्र में दोहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड अब भी यशस्वी जायसवाल के पास है।

इसके अलावा, विश्व स्तर पर सबसे तेज़ लिस्ट ए शतक का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के जेक फ्रेजर मैकगर्क के नाम है। इन तमाम नामों के बीच 14 साल के वैभव का शामिल होना यह संकेत देता है कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक बड़ा सितारा मिल चुका है।

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Vasu Jain

मुझे क्रिकेट से गहरा लगाव है और मैं वर्ष 2007 से इस खेल को लगातार देखता और समझता आ रहा हूँ। क्रिकेट... रीड मोर

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