Sachin Tendulkar की 3 सबसे दर्दनाक पारियां, जिसमें उनके शतक के बावजूद भारत को मिली शर्मनाक हार
Published - 13 Mar 2022, 03:57 PM | Updated - 24 Jul 2025, 04:14 AM

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Sachin Tendulkar: गॉड ऑफ़ क्रिकेट कहलाए जाने वाले भारतीय टीम के पूर्व महान बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर ने इंटरेनशनल क्रिकेट में खूब नाम किया है. यह विश्व के सबसे सफल बल्लेबाज़ों में से एक हैं. इन्होने भारतीय टीम को अपने दम पर कई मुकाबले जित वाए हैं. सचिन की बल्लेबाज़ी की तुलना किसी भी बल्लेबाज़ से नहीं की जा सकती.
क्योंकि जो उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किया है वो शायद ही कोई और बल्लेबाज़ दोहरा सकता है. सचिन (Sachin Tendulkar) ने भारतीय टीम के लिए कई महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं, और टीम को जीत की दहलीज़ पार करवाई है. लेकिन आज हम बात करने वाले है सचिन तेंदुलकर की उन पारियों के बारे में, जिसमें इनकी लाख कोशिशों के बाद भी भारतीय टीम वो मुकाबला जीत नहीं पाई.
1) ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 175 रन की पारी
साल 2009 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए एक वनडे मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए बोर्ड पर 350 रन लगा दिए. ऑस्ट्रेलिया की इतनी ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी देख भारतीय फैंस मायूस हो गए थे. भारत का इस मुकाबले में हारना लगभग तय था.
लेकिन सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) उस मुकाबले में कुछ और ही सोच कर आए थे. सचिन के अंतरराष्ट्रीय करियर की वो सबसे अच्छी पारियों में से एक थी. महान बल्लेबाज़ सचिन (Sachin Tendulkar) ने उस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 141 गेंदों पर 175 रन की ज़बरदस्त पारी खेली थी.
जिसमें 19 चौके और 4 छक्के शामिल थे.ग़ौरतलब है कि सुरेश रैना के अलावा कोई और बल्लेबाज़ उनका साथ नहीं दे पाया. जिसके चलते भारत वो मुकाबला महज़ 4 रन से हार गई. आज तक वो हार भारतीय फैंस को चुबती है.
2) पाकिस्तान के खिलाफ 136 रन की पारी
भारत और पाकिस्तान के बीच चेन्नई में वर्ष 1999 में एक रोमांचक टेस्ट मैच खेला गया था. जिसमें भारतीय टीम ने पहली पारी में 16 रन की बढ़त भी ले ली थी. लेकिन पाकिस्तान की दूसरी पारी में शाहिद अफरीदी एक अलग अंदाज़ में ही बल्लेबाज़ी करते हुए दिखाई दे रहे थे. जिसके चलते पाकिस्तान ने मेज़बान टीम को 271 रन का बड़ा लक्ष्य दिया था.
भारत के लिए यह लक्ष्य हासिल करना बिलकुल भी आसान नहीं था. क्योंकि उस समय पाकिस्तान का बॉलिंग यूनिट आग उगलता था. टीम में वर्ल्ड क्लास स्पिनर सकलैन मुश्ताक के अलावा कई अन्य ज़बरदस्त तेज़ गेंदबाज़ भी मौजूद थे.
भारतीय टीम के बल्लेबाज़ उस मुकाबले में पाकिस्तान के सामने फीके पड़ते हुए दिखाई दे रहे थे. एक के बाद एक भारतीय टीम की विकेट गिरती जा रही थी. लेकिन सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने इस मुकाबले में भी अपनी छाप बखूबी छोड़ी.
उन्होंने टीम इंडिया को अपने दम पर तकरीबन पूरा मैच जितवा दिया था. हालांकि जब वो शानदार सेंचुरी जड़कर 136 रन के स्कोर पर सांतवी विकेट के रूप में ऑउट हुए तो, उसके बाद भारतीय टीम का मैच जीतना मुश्किल हो गया था. जिसके चलते भारत वो मुकाबला अपने सबसे बड़े राइवल पाकिस्तान से सिर्फ 12 रन से हारा.
3) 1996 के वर्ल्डकप में श्रीलंका के खिलाफ 65 रन की पारी
साल 1996 के वर्ल्डकप में भारतीय टीम सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर गई थी. जिसमें टीम इंडिया का मुकाबला अपने पड़ोसी देश श्रीलंका से था. इसी के साथ भारतीय टीम यह मुकाबला जीतने की फेवरेट भी थी.
श्रीलंका ने साल 1996 के सेमीफाइनल मुकाबले में भारत के सामने 251 रन का लक्ष्य रखा था. जिसके जवाब में भारतीय टीम ने ज़बरदस्त अंदाज़ में पारी का आगाज़ किया था. सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के बल्ले से हर बॉल मिडिल हो रही थी. देखते ही देखते सचिन ने उस मुकाबले में अपनी हाफ सेंचुरी पूरी कर ली थी. साथ ही टीम इंडिया ने उस मुकाबले में अपने 100 रन पूरे कर लिए थे.
ऐसा लग रहा था भारत वो सेमीफाइनल मुकाबला आसानी से जीत लेगा. लेकिन कहानी में अभी ट्विस्ट आना बाकी था. श्रीलंका टीम की ओर से फिर गेंदबाज़ी करने आए सनथ जयसूर्या, जिन्होंने सचिन (Sachin Tendulkar) को 65 रन के स्कोर पर स्टंप ऑउट करवा दिया. इसके बाद भारतीय टीम की एक के बाद एक विकेट गिरती गई, और कोई बल्लेबाज़ भी उस मैच में भारत को जीत नहीं दिलवा सका. जिसके चलते टीम इंडिया 1996 के वर्ल्डकप से बाहर हो गई थी.
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