रवि शास्त्री के कोच बनने के बाद इन 3 खिलाड़ियों को होना पड़ा संन्यास के लिए मजबूर

Published - 20 Dec 2021, 11:23 AM

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भारतीय क्रिकेट टीम में एक से बढ़कर एक क्रिकेटर भरे पड़े है, जिसकी वजह से अक्सर टीम में बड़े बदलाव देखने को मिलते है। भारतीय टीम में अक्सर ऐसा देखने को मिलता है की कोई क्रिकेटर खराब प्रदर्शन करता है तो उसको बाहर कर दिया जाता है। टीम में यह बदलाव काफी हद तक रवि शास्त्री के कोच बनने के बाद हुआ।

रवि शास्त्री के भारतीय टीम का कोच बनने के बाद भारतीय टीम में अक्सर उन्ही खिलाड़ियों को मौका दिया जाता है जो अच्छी फॉर्म में चल रहे होते हैं। खराब फॉर्म में चल रहे क्रिकेटर जल्द बाहर हो जाते है। ऐसे में कई बार ऐसा देखने को मिल रहा है की खराब फॉर्म में चल रहे दिग्गज खिलाड़ियों को बैक नहीं किया जाता है।

टीम इंडिया के इस रणनीति के बाद कई खिलाड़ियों को काफी नुकसान हुआ, कई क्रिकेटर टीम में वापसी नहीं कर पाए, वहीं कई खिलाड़ियों को संन्यास भी लेना पड़ा। आज हम बात करेंगे तीन ऐसे खिलाड़ियों के बारे में जिन्हे टीम इंडिया के इस रणनीति की वजह से संन्यास लेना पड़ा।

सुरेश रैना

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भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार क्रिकेटर सुरेश रैना लंबे समय तक टीम इंडिया के लिए संकटमोचक की भूमिका निभाए। लेकिन जब उनके बुरे दौर शुरू हुए जब उनको टीम इंडिया को ज्यादा से ज्यादा मौका देने की जरूरत थी उस दौरान भारतीय टीम से उन्हे बाहर कर दिया गया।

हालांकि उस दौरान अगर रैना को टीम में वापसी का मौका मिला होता तो वह वापसी कर सकते थे, लेकिन टीम इंडिया ने उनकी बजाय श्रेयस अय्यर और मनीष पांडे जैसे खिलाड़ियों पर भरोसा जताने पर विचार किया। और रैना के लिए टीम इंडिया में वापसी के रास्ते बंद हो गए।

सुरेश रैना ने 15 अगस्त 2020 को अपने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया। रैना ने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए जैसे बेहतरीन प्रदर्शन किया था उस हिसाब से उन्हे सम्मान मिलन चाहिए था लेकिन टीम इंडिया ने उन्हे फ़ेयरवेल भी नहीं दिया।

पार्थिव पटेल

पार्थिव पटेल

भारतीय क्रिकेट टीम के लिए सबसे लंबे समय तक क्रिकेट खेलने वाले पार्थिव पटेल के साथ भी टीम इंडिया ने ऐसा ही रवैया अपनाया। पार्थिव पटेल को भारतीय क्रिकेट टीम में कई बार शामिल भी किया गया लेकिन उस दौरान वह एक विकेटकीपर के तौर पर नहीं बल्कि एक बैककप विकेटकीपर के रूप में टीम का हिस्सा थे।

पार्थिव पटेल को टीम में अगर मौका मिलता तो वह बेहतरीन प्रदर्शन कर सकते थे, लेकिन टीम उन्हे कई दौरे पर लेकर गई लेकिन वह बेंच पर बैठे रह गए। पार्थिव पटेल ने संन्यास के बाद रवि शास्त्री के टीम मैनेजमेंट पर काफी निरासा जताए थे। उन्होंने 9 दिसंबर को अपने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा था।

युवराज सिंह

Yuvraj Singh announces his comeback

भारतीय क्रिकेट टीम को विश्व कप जीताने में अहम भूमिका निभाने वाले युवराज सिंह के साथ भी भारतीय क्रिकेट टीम मैनेजमेंट ने वैसा ही रवैया अपनाया जैसा उन्होंने बाकी खिलाड़ियों के साथ किया था। युवराज को लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर रखा गया था।

बाद में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम इंडिया में वापसी की और चैंपियन ट्रॉफी का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन वह बेहतरीन करने के बावजूद उन्हे टीम से बाहर कर दिया गया। बाद में युवराज सिंह को क्रिकेट से संन्यास लेना पड़ा। युवराज के बाहर होने के बाद रवि शास्त्री की कोचिंग पर काफी सवाल उठे थे।

Ashish Yadav

यह लेखक Cricketaddictor का एक सदस्य है जो क्रिकेट से जुड़ी खबरों और विश्लेषण पर लिखता है।

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