Rahul Dravid से जुड़े 5 विवाद, जो शायद ही हो आपको याद, बॉल टेम्परिंग में भी फंस चुके हैं मौजूदा कोच
Published - 24 Dec 2021, 06:16 PM

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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) एक समय टेस्ट क्रिकेट फॉर्मेट में टीम की दीवार कहे जाते थे. पूरे क्रिकेट वर्ल्ड में उनकी इमेज काफी शांत स्वभाव और जेंटलमैन वाली थी. अपने बेहतरीन प्रदर्शन के साथ ही वो अपने व्यक्तिगत स्वभाव के लिए भी फैंस और खिलाड़ियों के बीच काफी ज्यादा चर्चित रहे. यहां तक कि वो कभी किसी विवाद का भी हिस्सा रहे होंगे, इसका शायद ही कभी किसी ने अंदाजा भी नहीं लगाया होगा.
या यूं कहें कि, लोगों में जिस तरह की उनकी छवि थी उसे देखते हुए कोई ये यकीन कर पाया होगा कि कभी भी उनका विवाद से नाता रहा होगा. वर्तमान समय में राष्ट्रीय टीम इंडिया के कोच बन चुके पूर्व क्रिकेटर की फैंस फॉलोइंग में अभी तक कोई कमी नहीं आई है. लेकिन, ये भी सच्चाई है कि क्रिकेट के मैदान पर कई विवाद में वो भी शामिल रहे हैं.
इस बारे में काफी कम लोग जानते हैं. लेकिन, आज हम अपनी इस खास रिपोर्ट में ऐसे ही 5 बड़े विवादों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) से नाता रहा है. डालते हैं इन विवादों पर एक नजर....
1. सौरव गांगुली के साथ हुआ था विवाद
ग्रेग चैपल की कोचिंग में सौरव गांगुली के साथ पूर्व क्रिकेटर के मतभेद खुलकर सामने आए. उस दौरान अपने पद का इस्तेमाल करते हुए चैपल ने सौरव गांगुली को टीम से बाहर तक का रास्ता दिखा दिया था. खबरों की मानें, तो जब सौरव गांगुली से ग्रेग चैपल के बीच विवाद था उस वक्त राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) चुप्पी साधे हुए थे और चैपल के निर्णय में उन्होंने उनका साथ दिया था.
एक बयान के जरिए सौरव गांगुली ने था, द्रविड़ ने गलती की थी जो वह ग्रेग चैपल के फैसलों के खिलाफ नहीं बोले थे. बाद में वर्ल्ड कप 2007 में हार के बाद बीसीसीआई ने उन्हें भारतीय कोच पद से हटा दिया था.
2. चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान शोएब अख्तर से हुआ था झगड़ा
16 साल के क्रिकेट करियर में मौजूदा कोच कभी भी मैदान पर अपना दिमागी संतुलन खोते हुए नहीं दिखाई दिए. लेकिन, साल 2004 में खेली गई चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ हुए मैच में उन्हें अपना आप खोते हुए देखा गया. उस वक्त जब वो रन ले रहे थे तो शोएब अख्तर से टकरा गए थे. इस घटना के बाद वो कुछ बोलते हुए देखे गए थे.
राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) ने अपना गुस्सा तो दिखाया ही था, यहां तक कि शोएब अख्तर से बहसबाजी भी की थी. इसके बाद अंपायर और बाकि खिलाड़ियों ने इस पूरे मसले को आपसी समझ से शांत कराया. इस मैच में भारतीय टीम को 7 विकेट से शिकस्त का सामना करना पड़ा था. भारत से मिले 201 रन के लक्ष्य को पाकिस्तान ने 7 विकेट खोकर 49.2 ओवर में ही हासिल कर लिया था.
3. सचिन के साथ इस बात को लेकर हुआ था विवाद
साल 2004 में पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए मुल्तान टेस्ट मैच में वीरेंद्र सहवाग के तिहरा शतक जमाने के बाद ही कप्तान राहुल द्रविड़ ने पारी घोषित करने का ऐलान कर दिया था. उनके इस फैसले ने खिलाड़ियों को ही नहीं बल्कि फैंस को भी हैरानी में डाल दिया था. क्योंकि उस वक्त सचिन तेंदुलकर 194 रन बनाकर खेल रहे थे और दोहरा शतक पूरा करने से सिर्फ 6 रन दूर थे.
वीरेंद्र सहवाग के तिहरे शतक के कुछ ही देर बार पूर्व कप्तान ने भारत को 675/5 रन पर घोषित कर दिया था. ये देखने के बाद सचिन तेंदुलकर भी काफी शॉक्ड थे और उनके फैसले से काफी नाराज भी थे. इस मैच को भले ही भारत ने पारी और 52 रनों से जीत लिया था. लेकिन, सचिन के दोहरा शतक ना पूरा होने का मलाल हर किसी को था और यही वजह है कि द्रविड़ की उस वक्त काफी आलोचना भी हुई थी.
4. जिम्बाब्वे के खिलाफ 2004 में लगा था बॉल टेम्परिंग का आरोप
ICC की ओर से क्रिकेट को जेंटलमैन गेम बनाए रखने के लिए कई नियम कानून लागू किए हैं. जिसे मानना हर खिलाड़ी के लिए जरूरी है. लेकिन, कई बार इस बारे में जानते हुए भी क्रिकेटर गलती कर देते हैं. इस खेल में गेंद से भी जुड़ा कानून बनाया गया है, जिसके मुताबिक कोई भी खिलाड़ी गेंद के आकार और उसकी बनावट के साथ छेड़खानी नहीं कर सकता. यदि ऐसी गलती करते हुए कोई पाया जाता है तो उसे बॉल टेंपरिंग का नाम दिया जाता है.
साल 2004 में ऑस्ट्रेलिया में हुई ट्राई सीरीज के दौरान ब्रिस्बेन में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए वनडे मैच में राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) पर बॉल पर जैली लगाने का आरोप लगा था. इस मामले में मैच रेफरी क्लाइव लॉयड ने उन पर जुर्माना भी लगाया था. इस मैच में उन्होंने 106 गेंदों का सामना करते हुए 84 रन की पारी खेली थी. उनकी इस पारी के दम पर भारत ने 255 रन का स्कोर किया था. जिसके जवाब में उतरी जिम्बाब्वे सिर्फ 231 रन ही बना सकी थी.
5. स्पॉट फिक्सिंग वाले मामले में भी आया था पूर्व कप्तान का नाम
साल 2013 में खेले गए IPL की बात है, जब भारतीय टीम के तेज गेंदबाज एस श्रीसंत, अजित चंदीला और अंकित चव्हाण स्पॉट फिक्सिंग में लिप्त पाए गए थे. इस मामले के चलते इन्हें जेल तक की सजा काटनी पड़ी थी. एस श्रीसंत के साथ अजित चंदीला और अंकित चव्हाण जैसे खिलाड़ी भी इसका हिस्सा थे. साल 2013 में खेले गए IPL में इन तीनों को दिल्ली पुलिस ने एक होटल से पकड़ा था. इसी के बाद इन पर स्पॉट फिक्सिंग का केस भी चला था.
तीनों ने ही कुछ वक्त जेल में बिताया था. बीसीसीआई ने इन तीनों ही खिलाड़ियों पर आजीवन क्रिकेट से प्रतिबंधित कर दिया था. इस दौरान राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) ही राजस्थान रॉयल्स टीम के कप्तान थे और कुछ समय के लिए उनका नाम भी इन विवादों में चर्चाओं में रहा था.
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