1 अक्टूबर से क्रिकेट के नियमों में बड़े बदलाव, ओवरथ्रो और कैच समेत कई रूल बदले

Published - 01 Oct 2026, 11:50 AM | Updated - 01 Oct 2026, 12:20 PM

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Cricket Rules Change: साल 2026 के 9 महीने बीत चुके हैं और आज से 10वां महीना चालू हो गया। अब इस साल को खत्म होने में सिर्फ तीन महीने का समय रह गया है। हालांकि, इस महीने के पहले दिन यानी 1 अक्टूबर से ही कुछ खास बदलाव क्रिकेट के नियमों में किए गए हैं, जिनकी घोषणा काफी पहले कर दी गई थी लेकिन आज से प्रभावी हुए हैं।

इन नियमों में बदलाव मेरिलबोन क्रिकेट क्लब यानी एमसीसी ने किए हैं। कुछ चेंज छोटे-मोठे मोटे हैं लेकिन कुछ काफी बड़े हैं। चलिए आपको बताते हैं कि क्रिकेट (Cricket) के किन मुख्य नियमों में आज से बदलाव हुआ है।

Cricket के खेल में ओवरथ्रो को किया गया स्पष्ट

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ओवरथ्रो को लेकर कई बार विवादित स्थिति देखने को मिली है। आमतौर पर जब कोई फील्डर गेंद फेंकता है और वह मिस होकर आगे चली जाती है, या बल्लेबाज अथवा फील्डर से टकराकर दूर चली जाती है, तो इसे ओवरथ्रो कहा जाता है। क्रिकेट (Cricket) के इस नियम को अब और ज्यादा स्पष्ट तरीके से परिभाषित किया गया है।

2019 वर्ल्ड कप के फाइनल में हमने देखा था कि कैसे मार्टिन गप्टिल के थ्रो पर गेंद बेन स्टोक्स के बल्ले से लगकर बाउंड्री तक चली गई थी। इस घटना के बाद इंग्लैंड को 6 रन मिले थे और यह मुकाबले के नतीजे में अहम साबित हुआ था।

टेस्ट में दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर खेल नहीं होगा खत्म

एक बड़ा बदलाव टेस्ट क्रिकेट (Test Cricket) में भी लागू किया गया है। अभी तक दिन के अंतिम ओवर में विकेट गिरने पर खेल वही रोक दिया जाता था और शेष गेंदें अगले दिन पूरी की जाती थीं लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अगर विकेट गिरता भी है तो खेल नहीं रोका जाएगा और शेष गेंदों का सामना करने के लिए नया बल्लेबाज क्रीज पर आएगा।

यह बदलाव काफी अहम साबित हो सकता है और गेंदबाजी करने वाली टीमों के लिए फायदेमंद होगा। कई बार अंतिम ओवर में एक से अधिक विकेट गिरने का मौका बनने की संभावना रहती थी लेकिन खेल रुक जाने से बॉलिंग टीम को निराश होना पड़ता था। अब उनके लिए ये राहत भरा बदलाव है।

बाउंड्री कैच का रूल भी चेंज

क्रिकेट (Cricket) के खेल में बाउंड्री पर कई कमाल के कैच देखने को मिले हैं, लेकिन कई बार विवाद की स्थिति भी बनी। फील्डर कई बार बाउंड्री के अंदर-बाहर आकर कैच पूरा करते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं कर पाएंगे। फील्डर बाउंड्री के बाहर से सिर्फ एक बार उछलकर गेंद छू सकता है। उसके बाद जमीन पर लैंड समय पूरी तरह बाउंड्री के अंदर होना जरूरी है।

Cricket के इन रूल में हुए मुख्य बदलाव, देखें लिस्ट

  • जूनियर क्रिकेट के लिए बॉल के स्टैंडर्ड साइज — साइज 1, साइज़ 2 और साइज़ 3 कैटेगरी को आधिकारिक तौर पर स्टैंडर्डाइज़ किया जाएगा।
  • टाइप D लैमिनेटेड बैट की इजाजत — गवर्निंग बॉडी के नियमों के अधीन, ज़्यादातर एडल्ट/ओपन-एज क्रिकेट में लैमिनेटेड टाइप D बैट की इजाजत होगी।
  • दिन का आखिरी ओवर पूरा करना जरूरी — अगर विकेट गिरता है, तब भी आखिरी ओवर जारी रहेगा, बशर्ते खेलने की स्थिति सही हो।
  • शॉर्ट रन के नियमों को साफ़ किया गया — अगर शॉर्ट रन जानबूझकर नहीं लिया गया है, तो बैटर बिना किसी पेनल्टी के रन छोड़ सकता है।
  • ‘बनी हॉप’ बाउंड्री कैच पर रोक — बाउंड्री के अंदर रहने के लिए फील्डर का बार-बार कूदने वाला तरीका अब मान्य नहीं होगा।
  • ओवरथ्रो को आधिकारिक तौर पर परिभाषित किया गया — नए नियमों में ओवरथ्रो क्या है, इसे साफ़ तौर पर बताया गया है।
  • ‘पूरी तरह से सेटल’ (finally settled) होने को साफ किया गया — नियम बताते हैं कि बॉल कब पूरी तरह से सेटल मानी जाती है, जिससे यह तय करने में मदद मिलती है कि खेल कब खत्म हुआ।
  • विकेटकीपर की पोजिशनिंग को साफ किया गया — नए नियमों में इस बात पर ज्यादा स्पष्टता दी गई है कि विकेटकीपर कहां और कैसे अपनी पोजीशन ले सकता है।
  • हिट विकेट, रन-आउट और स्टंपिंग को साफ किया गया — नियम इन आउट होने की स्थितियों के लिए साफ गाइडलाइन देते हैं।

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Prashant

प्रशांत कुमार क्रिकेट लेखक हैं, जिन्होंने 2019 में स्पोर्ट्स पत्रकारिता में कदम रखा और इसके बाद इसी... रीड मोर

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