संघर्षों से भरा रहा Jasprit Bumrah का बचपन, मां ने क्रिकेटर बनाने के लिए लगा दिया था पूरा जोर, जन्मदिन पर जानिए उनके करियर की कहानी
Published - 06 Dec 2021, 09:27 AM

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टीम इंडिया के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) का नाम सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में गिना जाता है. मुख्य गेंदबाजों में अपना नाम शामिल करा चुके इस क्रिकेटर के लिए यहां तक पहुंचना आसान नहीं था. इस समय भले ही वो टीम में एकमात्र तेज गेंदबाज हैं जो तीनों फॉर्मेट में भारत के लिए खेलते हैं. लेकिन, इसके लिए उन्हें काफी ज्यादा संघर्ष करना पड़ा. पिता का साया बचपन में ही सिर से हट गया था. सिर्फ मां का ही सपोर्ट था और उन्हें इस मुकाम पर पहुंचना था. इसके लिए उन्होंने हर मुमकिन प्रयास किया और भारतीय टीम के मुख्य खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं. आज जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) के 27वें जन्मदिन पर उनके इस सफर से जुड़ी कुछ पहुलओं के बारे में बताने जा रहे हैं.
ऐसी रही जस्सी के संघर्ष की कहानी
दरअसल जब भारतीय गेंदबाज सिर्फ 5 साल के थे तभी उनके पिता हमेशा के लिए दुनिया को अलविदा कह गए. इसके बाद उन्हें एक कामयाब क्रिकेटर बनाने में उसकी मां को हरसंभव प्रयास करना पड़ा. जी हां गुजरात के अहमदाबाद में जाकर बसी इस पंजाबी फैमिली में जन्में क्रिकेटर तेज गेंदबाज का बीता कल मुश्किलों से भरा रहा है. लेकिन, आज वही भारत के सफल क्रिकेटर में आते हैं.
जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) का आज 27वां जन्मदिन हैं. जस्सी के संघर्ष भरे दिनों से लेकर कामयाबी की बुलंदियों पर पहुंचाने में उनकी मां दलजीत बुमराह का बड़ा योगदान रहा है. वो पेशे से एक स्कूल टीचर हैं, जो अहमदाबाद में ही पढ़ाती थीं. नेटफ्लिक्स की डॉक्यूमेंट्री क्रिकेट फीवर: मुंबई इंडियंस में उन्होंने अपने बेटे की कामयाबी की पूरी कहानी के बारे में बताया था. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में जस्सी ने साल 2013 में विदर्भ के खिलाफ डेब्यू किया था.
2016 में पहली अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मिला मौका
तेज गेंदबाज को उनकी एक्शन और यॉर्कर गेंदों की वजह से इस जगह में एक नई पहचान मिली. गुजरात के लिए उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में महाराष्ट्र के खिलाफ अपना T20 डेब्यू साल 2012-13 में किया था. लेकिन, उनके जीवन में वो मौका आया जिसका इंतजार हर युवा क्रिकेटर करता है. साल 2015-16 में उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे पर चोट से जूझ रहे मोहम्मद शमी की जगह टीम में शामिल किया गया.
इसके बाद अगस्त 2016 में जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) एक कलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा 48 T20 अंतर्राष्ट्रीय विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए. टेस्ट डेब्यू करने का मौका उन्हें साल 2018 में साउथ अफ्रीका दौरे पर मिला. यहां पर उन्होंने पहला शिकार एबी डी विलियर्स का किया. इसी दौरे के तीसरे मैच में उन्होंने अपने टेस्ट करियर में पहली बार 5 विकेट लेने का इतिहास रच दिया था. इतना ही नहीं इसी साल इंग्लैंड दौरे पर खेले तीसरे टेस्ट में दूसरी बार 5 विकेट लेने का उन्होंने कारनामा किया.
ऐसा करने वाले बने थे पहले एशियाई गेंदबाज
तीसरी बार 5 विकेट लेने का कमाल उन्होंने 2018 में ही ऑस्ट्रेलिया में खेले बॉक्सिंग डे टेस्ट में किया था. इस शानदार प्रदर्शन के साथ उनके नाम एक और उपलब्धि दर्ज हो गई. जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) ऐसे एशियाई गेंदबाज बन गए थे जिसने एक ही कैलेंडर ईयर में साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में एक टेस्ट इनिंग में 5 विकेट हॉल लेने का कारनामा कर दिया.
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