मैं अपने बाकी जीवन के लिए आरसीबी के लिए खेलना पसंद करूंगा - एबी डिविलियर्स

Published - 15 May 2020, 10:57 AM

खिलाड़ी

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व बल्लेबाज एबी डिविलियर्स ने खुलासा किया है कि वह आरसीबी के लिए जीवन भर खेलते रहना पसंद करेंगे. डिविलियर्स को लगता है कि वह इंडियन प्रीमियर लीग में किसी अन्य फ्रैंचाइज़ी के लिए खेलने के बारे में नहीं सोच सकते. पूर्व दक्षिण अफ्रीकी कप्तान ने साल 2011 में आरसीबी के लिए खेलना शुरू किया था.

आईपीएल डिविलियर्स ने अपने करियर का आगाज डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल) के लिए किया था और आईपीएल 2011 की नीलामी में आरसीबी ने उन्हें खरीदा था. इतना ही नहीं टीम फ्रेंचाइजी ने साल 2014 और 2018 के मेगा ऑक्शन में एबी को रिटेन भी किया था.

ट्रैक रिकॉर्ड देख हर कोई हो सकता है हैरान

दाएं हाथ के बल्लेबाज एबी डिविलियर्स मैदान के चारों ओर कलात्मक शॉट्स खेलने के लिए जाने जाते है. यही कारण है कि उनको क्रिकेट के गलियारों में 360 डिग्री बल्लेबाज के रूप में जाना जाता है. उन्होंने आईपीएल के 154 मैचों में 39.95 की शानदार औसत और 151.24 की शानदार स्ट्राइक रेट से 4395 रन बनाए हैं और इस टूर्नामेंट में एबी के नाम पर तीन शतक और 33 अर्द्धशतक भी दर्ज है.

एबी पिछले नौ वर्षों में आरसीबी के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. डिविलियर्स ने आरसीबी के लिए 126 मैचों में 41.84 की औसत और 159.55 की चौंका देने वाली स्ट्राइक रेट के साथ 3724 रन बनाए हैं. बैंगलोर के लिए वह दो शतक और 30 अर्द्धशतक लगाने में सफल रहे. वह विराट कोहली के बाद टीम के लिए दूसरे सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी भी हैं.

टीम के लिए एबी ने कही ये बात

एबी डिविलियर्स ने इंस्टाग्राम लाइव पर बातचीत के दौरान कहा, "जाहिर है, पहले तीन-चार साल तक बैंगलोर के लिए खेलना और अपने पांचवें साल में जाने के बाद मुझे एहसास हुआ कि मैं यहां जीवन भर खेलना पसंद करूंगा.’’

दूसरी ओर, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के कप्तान विराट कोहली ने भी हाल ही में कहा था कि वह खुद को आईपीएल में किसी अन्य फ्रैंचाइज़ी के लिए खेलने की कल्पना नहीं कर सकते हैं.

आरसीबी की जान है एबी और विराट

भले ही आरसीबी की टीम आज तक इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की ट्रॉफी एक बार भी ना जीत पाई हो, लेकिन इस बात में कोई शक नहीं है कि विराट कोहली और एबी डिविलियर्स टीम के सबसे मजबूत स्तंब है. पूरी टीम इन दोनों खिलाड़ियों पर ही निर्भर करती है.