रणजी खेलने लायक नहीं था ये खिलाड़ी, लेकिन कोच गंभीर की जिद्द पर खेला तीनों वनडे
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वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में भारत ने शुरूआती दो मैचों में जीत के दम पर 2-1 से जीत हासिल की। आखिरी मुकाबले में टीम इंडिया जीत नहीं दर्ज कर पाई और वेस्टइंडीज का सूपड़ा साफ़ करने का मौका गंवा दिया। इस सीरीज में तेज गेंदबाज गुरनूर बरार को हेड कोच गौतम गंभीर ने सभी मुकाबलों में मौका दिया लेकिन उनका प्रदर्शन काफी साधारण रहा।
इसी साल अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे डेब्यू करने वाले गुरनूर बरार (Gurnoor Brar) को गौतम गंभीर अपनी जिद के कारण लगातार खिला रहे हैं, जबकि फैंस उन्हें घरेलू क्रिकेट लायक भी पूरी तरह नहीं मानते। गुरनूर का प्रदर्शन भी कुछ खास नहीं रहा है और वे वेस्टइंडीज के खिलाफ भी बेअसर रहे।
IND vs WI ODI सीरीज में Gurnoor Brar ने पूरी तरह किया निराश

लंबे कद के होने के कारण गुरनूर बरार (Gurnoor Brar) को वर्ल्ड कप 2027 के लिए दावेदारी में माना जा रहा है, क्योंकि वे अपनी हाइट से एक्स्ट्रा बाउंस प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा उनकी गति काफी अच्छी है और वे बल्लेबाजी भी कर लेते हैं। इसी वजह से हर्षित राणा की गैरमौजूदगी में उन्हें वेस्टइंडीज वनडे सीरीज के लिए भी चुना गया लेकिन उनका प्रदर्शन काफी खराब रहा।
तीन वनडे में लिए सिर्फ 3 विकेट, जमकर लुटाए रन
वेस्टइंडीज वनडे सीरीज में गुरनूर बरार (Gurnoor Brar) के अलावा किसी भी तेज गेंदबाज को तीनों मैचों में नहीं खिलाया गया। सीरीज के आगाज से पहले माना जा रहा था कि गुरनूर को शायद बेंच पर रहना पड़े लेकिन गौतम गंभीर ने ऐसा नहीं किया और उन्हें सभी मैचों की प्लेइंग XI में शामिल किया। हालांकि, गुरनूर ने अपनी गेंदबाजी प्रदर्शन से काफी ज्यादा निराश किया, जिसकी वजह से उनकी आलोचना भी हो रही है।
उन्होंने तीन मुकाबलों में 73.33 के औसत से महज 3 विकेट लिए और 7.54 के इकॉनमी रेट से रन लुटाए। गुरनूर ने सीरीज के हर एक मैच में 60 या उससे ज्यादा रन ही दिए। वहीं, तिरुवनंतपुरम में 96 रन खर्च किए थे।
वर्ल्ड कप 2027 की रेस में गुरनूर बरार के लिए बढ़ी मुश्किलें
कप्तान शुभमन गिल के अच्छे दोस्त माने जाने वाले गुरनूर बरार (Gurnoor Brar) ने अभी तक 9 वनडे में 14 विकेट लिए हैं और उनका इकॉनमी रेट 7.17 है। जिस तरह से उन्होंने इंग्लैंड और वेस्टइंडीज जैसी टीमों के खिलाफ साधारण गेंदबाजी की है।
उसे देखते हुए 2027 वर्ल्ड कप के लिए उनकी दावेदारी कमजोर होती नजर आ रही है, क्योंकि भारत के पास कई अनुभवी के साथ-साथ युवा पेसर्स मौके के इंतजार में हैं। ऐसे में गुरनूर को आगे ODI मैचों में मौका मिलता है तो फिर उन्हें अपने प्रदर्शन से खुद को साबित करना होगा।
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