टीम इंडिया का हेड कोच बनने के बाद गौतम गंभीर ने करवाई थू-थू, टीम के नाम दर्ज हुए 11 अनचाहे रिकॉर्ड्स

Published - 20 Jan 2026, 11:26 AM | Updated - 20 Jan 2026, 01:08 PM

Team India

भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच के रूप में गौतम गंभीर का कार्यकाल उम्मीदों के विपरीत बेहद निराशाजनक रहा है। टीम इंडिया (Team India) ने उनके मार्गदर्शन में कुछ ऐसी हार का सामना किया है जिसने करोड़ों प्रशंसकों का दिल तोड़ दिया है।

श्रीलंका के खिलाफ 27 साल बाद वनडे सीरीज हारने से लेकर न्यूजीलैंड के हाथों घर में पहली बार टेस्ट क्लीन स्वीप होने तक, गंभीर की कोचिंग में भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कई काले अध्याय जुड़ गए हैं। हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज में मिली ऐतिहासिक हार ने इस बहस को और तेज कर दिया है।

Team India का न्यूजीलैंड के खिलाफ शर्मनाक प्रदर्शन

गौतम गंभीर की कोचिंग में टीम इंडिया (Team India) ने घरेलू मैदान पर अपनी वह बादशाहत खो दी है जिसे हासिल करने में दशकों लगे थे। साल 2024 में न्यूजीलैंड ने भारत को उसके ही घर में 3-0 से टेस्ट सीरीज हराकर इतिहास रच दिया। यह भारतीय टेस्ट इतिहास में पहली बार था जब किसी टीम ने भारत का घर में सूपड़ा साफ किया हो।

इतना ही नहीं, यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। जनवरी 2026 में न्यूजीलैंड की एक युवा टीम (Team India) ने भारत को इंदौर वनडे में हराकर 37 साल में पहली बार भारत में द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीतने का गौरव प्राप्त किया। इन हारों ने गंभीर की रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

कीवी टीम के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान भारतीय बल्लेबाज स्पिन के सामने पूरी तरह बेबस नजर आए और पूरी टीम महज 46 रनों पर भी ढेर हुई, जो घर में भारत का न्यूनतम स्कोर है। 12 साल से चला आ रहा घरेलू टेस्ट सीरीज जीत का विजय रथ भी गंभीर के कार्यकाल में ही थमा। प्रशंसकों का मानना है कि आक्रामक क्रिकेट के नाम पर टीम अपनी बुनियादी तकनीक और धैर्य खोती जा रही है।

Team India को श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया में भी मिली हार

गंभीर के कार्यकाल की शुरुआत ही अनचाहे रिकॉर्ड्स के साथ हुई थी। अगस्त 2024 में टीम इंडिया (Team India) को श्रीलंका के खिलाफ 27 साल बाद किसी द्विपक्षीय वनडे सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। इस सीरीज के दौरान भारतीय बल्लेबाजों ने स्पिन के खिलाफ 27 विकेट गंवाए, जो एक तीन मैचों की सीरीज में एक नया शर्मनाक रिकॉर्ड है। इसके अलावा, साल 2024 भारतीय वनडे इतिहास में 45 साल बाद ऐसा पहला कैलेंडर वर्ष रहा, जिसमें टीम इंडिया एक भी वनडे मैच जीतने में सफल नहीं हो पाई।

लाल गेंद के क्रिकेट में भी चुनौतियां कम नहीं रहीं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 में मिली 3-1 की हार ने भारत के लगातार सीरीज जीतने के सिलसिले को तोड़ दिया। मेलबर्न में 13 साल बाद मिली हार और लगातार दो टेस्ट सीरीज गंवाना गंभीर के रिपोर्ट कार्ड को और खराब करता है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी 25 साल बाद घर में टेस्ट सीरीज हारना इसी फेहरिस्त का हिस्सा है। इन विदेशी और घरेलू हारों ने गंभीर की विनिंग मेंटालिटी वाले दावों की हवा निकाल दी है।

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वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का भी सपना बिखरा

गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद टीम इंडिया (Team India) के लिए सबसे बड़ा झटका वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल की दौड़ से बाहर होना रहा। पिछले दो चक्रों, 2021 और 2023 में फाइनल खेलने वाली भारतीय टीम गंभीर की कोचिंग में लॉर्ड्स 2025 के फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में नाकाम रही। न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लगातार सीरीज हारने के कारण भारत की रैंकिंग और अंक प्रतिशत में भारी गिरावट आई, जिससे टीम पहली बार इस बड़े टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले से दूर हो गई।

हालांकि, इस निराशा के बीच चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की जीत एक राहत की खबर जरूर रही, लेकिन द्विपक्षीय सीरीज और टेस्ट क्रिकेट में टीम के गिरते स्तर ने भविष्य की चिंताएं बढ़ा दी हैं। कोच गंभीर पर अब भारी दबाव है, क्योंकि टीम इंडिया (Team India) के कौच के तौर पर उनके कार्यकाल में दर्ज हुए ये 11 अनचाहे रिकॉर्ड्स उनके करियर पर एक बड़े दाग की तरह हैं। आने वाले समय में अगर टीम के प्रदर्शन में सुधार नहीं हुआ, तो बीसीसीआई को कड़े फैसले लेने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

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Sourabh Kumar

सौरभ भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से रेडियो एंड टेलीविजन पत्रकारिता में उच्च शिक्षा प्राप्... रीड मोर

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