ये 5 क्रिकेटर अपने खेल के दिनों में थे अमीर, मगर अब गरीबी में काट रहे हैं जिंदगी
Published - 20 Mar 2022, 07:50 AM

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Cricketer: क्रिकेट को ऐसा खेल माना जाता है जिसमें खिलाड़ियों (Cricketer) को नाम और सम्मान के साथ-साथ बहुत सारा पैसा कमाने का मौका भी मिलता है। वहीं अगर कोई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाता है तो उसके वर्तमान के साथ-साथ उसका भविष्य भी सुरक्षित हो जाता है।
अपने कई क्रिकेटरों को गरीब से अमीर बनते हुए देखा होगा। उनके स्ट्रगल की कहानियाँ भी अपने सुनी होगी। उनिके नाम भी आप सभी को पता होंगे। पर क्या आप उन खिलाड़ियों को जानते हो जो अमीर से गरीब बने हैं? क्या आप को उनके नाम पता है? आज हम आपको इस आर्टिकल में ऐसे ही पांच खिलाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनको अमीरी का दामन छोड़ गरीबी का सामना करना पड़ा।
यह हैं वो 5 Cricketer जो बने अमीर से गरीब
अरशद खान (Pakistan Cricketer)
अरशद खान (Arshad Khan) पाकिस्तान क्रिकेट टीम के बहुत अच्छे और शानदार स्पिन गेंदबाज रहे हैं। उन्होंने 1997-99 के मध्य पाक की राष्ट्रीय टीम के लिए खेला था। बता दें कि, उन्होंने 2006 में क्रिकेट से संयास ले लिया था। संन्यास लेने से पहले खान ने 58 वनडे मैच और 9 टेस्ट मैच खेले थे। उनके संन्यास लेने के बाद से ही वह परेशानियों के घेरे में खड़े हो गए।
तमाम परेशानियों के चलते वह पाकिस्तान से अपने परिवार के साथ ऑस्ट्रेलिया चले गए। उसके कुछ सालों तक उन्होंने टैक्सी चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण किया। लेकिन साल 2020 में 12 नवंबर से उनका अच्छा वक्त शुरू हो गया। उन्हें पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम के गेंदबाजी कोच के रूप में नियुक्त किया गया था। हाल ही में वो पाकिस्तान महिला नेशनल क्रिकेट टीम के साथ जुड़े हुए हैं।
क्रिस केर्न्स (New Zealand Cricketer)
क्रिस्टोफर लांस केर्न्स (Christopher Lance Cairns) ONZM (New Zealand Order of Merit) न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर (Cricketer) और पूर्व एकदिवसीय कप्तान हैं, जो एक ऑलराउंडर के रूप में न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के लिए खेले थे। केर्न्स ने अपने टेस्ट करियर का अंत 33.53 की बल्लेबाजी औसत और 29.40 की गेंदबाजी औसत के साथ किया। 2000 में, उन्हें वर्ष के पांच विजडन क्रिकेटरों में से एक के रूप में नामित किया गया था।
केर्न्स ने 2004 में न्यूजीलैंड टेस्ट टीम से संन्यास ले लिया। सन्यास लेने के बाद क्रिस ने हीरो का कारोबार शुरू कर दिया। जिसमें उन्हें काफ़ी नुक़सान झेलना पड़ा। क्रिस केर्न्स को आर्थिक तंगी के चलते अपने परिवार का पालन करने के लिए ड्राइविंग और ट्रक धोने का काम करना पड़ा।
एडम होलिओक (England Cricketer)
एडम जॉन हॉलिओके (Adam John Hollioake) एक पेशेवर एथलीट हैं जो मिश्रित मार्शल आर्टिस के रूप में पेशेवर रूप से प्रतिस्पर्धा करने वाले एकमात्र अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर (Cricketer) हैं। उन्होंने एक पेशेवर मुक्केबाज के रूप में भी प्रतिस्पर्धा की है। हालाँकि उन्हें एक क्रिकेटिंग ऑलराउंडर के रूप में जाना जाता है जो सरे (Surrey) और इंग्लैंड (Surrey) के लिए खेले। जब एडम ने क्रिकेट से संन्यास ले लिया तो उन्हें बहुत आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा।
साल 2007 में जब एडम होलिओक ने क्रिकेट का दामन छोड़ा तो उन्हे पैसों की काफी दिक्कत होने लगी। Hollioake और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के पास ऑस्ट्रेलिया स्थित एक संपत्ति कंपनी, Hollioake Group का स्वामित्व था, जो लगभग $20 मिलियन के ऋण के साथ ढह गई और सितंबर 2010 में समाप्त हो गई। उन्होंने मिक्स्ड मार्शल आर्ट में काम करके अपने परिवार का पालन-पोषण करना शुरू किया।
जनार्दन नवेले (Indian Cricketer)
जनार्दन ज्ञानोबा नेवले (Janardan Gyanoba Navle) ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत साल 1934 में की थी। उस दौर में खिलाड़ियों को अधिक पैसा नहीं मिलता था। 1932 में नेवले को भारत की पहली टेस्ट पारी की ऐतिहासिक पहली गेंद का सामना करना पड़ा। उन्होंने 1932 में लॉर्ड्स में दोनों पारियों में ओपनिंग की और विकेट भी लिए। उन्होंने 1926-27 में आर्थर गिलिगन की एमसीसी टीम के खिलाफ भारतीयों के लिए खेला।
क्रिकेट से सन्यास लेने के बाद उन्हे भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अपने बाद के जीवन में उन्होंने एक चीनी मिल में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम किया और पुणे में दो कमरों के फ्लैट में रहते थे। उनकी स्कूली शिक्षा पूना के भावे स्कूल में हुई। 7 सितंबर 1979 को पूना में उनका निधन हो गया।
मैथ्यू सिन्क्लेयर (New Zealand Cricketer)
इस लिस्ट में तीसरे पायदान पर शामिल होने वाले खिलाड़ी का नाम है कीवी टीम के सलामी बल्लेबाज मैथ्यू सिन्क्लेयर। मैथ्यू स्टुअर्ट सिनक्लेयर (Mathew Stuart Sinclair ) ऑस्ट्रेलिया में जन्मे न्यूजीलैंड के क्रिकेटर (Cricketer) हैं। एक दुर्घटना में अपने पिता की मृत्यु के बाद सिनक्लेयर अपनी मां के साथ न्यूजीलैंड चले गए जब वह केवल 5 वर्ष का थे।
उसके बाद उन्होंने साल 2013 में इंटरनेशनल क्रिकेट से भी संन्यास ले लिया था, जिसकी वजह से उन्हे और उनके परिवार को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ा। अपने परिवार को पालने के लिए उन्होंने नौकरी की और अब वह रियल स्टेट कंपनी में काम कर रहे हैं। 2020 में, उन्होंने नेपियर में क्लब क्रिकेट खेलना जारी रखा।