"हैंडल करना मुश्किल है..." जीत के बाद भी एमएस धोनी का फूटा गुस्सा, ब्रावो की आई याद, इन खिलाड़ियों को दी खास चेतावनी
"हैंडल करना मुश्किल है..." जीत के बाद भी एमएस धोनी का फूटा गुस्सा, ब्रावो की आई याद, इन खिलाड़ियों को दी खास चेतावनी

एमएस धोनी की अगुवाई में चेन्नई सुपर किंग्स ने इंडियन प्रीमियर लीग 2023 में एक और शानदार जीत दर्ज कर ली है। 17 अप्रैल को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को उसी के घर में शिकस्त देकर सीएसके ने दो अंक अर्जित किए और अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत की। इस मैच में चेन्नई के खिलाड़ियों का प्रदर्शन उम्दा रहा। इसके बावजूद कैप्टन कूल गेंदबाज़ों की गेंदबाज़ी से कुछ खास प्रभावित नहीं हुए और टीम के पूर्व खिलाड़ी ड्वेन ब्रावो को याद करते हुए नजर आए।

गेंदबाज़ों के प्रदर्शन से खुश नहीं हुए एमएस धोनी!

एमएस धोनी

पोस्ट मैच सेरेमनी के दौरान एमएस धोनी ने टीम के धाकड़ बल्लेबाज़ शिवम दुबे को लेकर कहा कि वह एक आक्रमक बल्लेबाज़ हैं और लंबे होने के कारण उनकी रीच भी ज़्यादा है। साथ ही उन्होंने दुबे को खुद पर भरोसा करने की सलाह दी है। माही ने कहा,

“जब आप बेंगलुरु खेलने आते हैं तो आपको पता है कि विकेट कैसा होगा। साथ ही यहां पर काफ़ी ओस भी होता है। आप हमेशा चाहते हैं कि कुछ अतिरिक्त रन बनाएं जाएं। अगर आप 160-165 का स्कोर बनाते हैं तो आपको पता होता है कि मैच वहीं ख़त्म हो जाएगा। शिवम एक क्लीन हिटर हैं। वह काफ़ी लंबे हैं और उनकी रीच भी ज़्यादा है। वह स्पिनरों के ख़िलाफ़ अच्छे शॉट लगा सकते हैं। वह हमारे कैंप के दौरान चोटिल हो गए थे। उन्हें ख़ुद पर यह भरोसा करना होगा कि वह बीच के ओवरों में रन बना सकते हैं। “

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एमएस धोनी को आई ब्रावो की याद

एमएस धोनी

एमएस धोनी ने बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि टीम के गेंदबाज़ों को सुधार की जरूरत है। साथ उन्होंने बताया कि युवा गेंदबाज़ों को संभाना काफ़ी मुश्किल है। ऐसे में उन्होंने पूर्व खिलाड़ी ड्वेन ब्रावो को याद किया और उनकी तारीफ़ में कसीदे पढ़ें। धोनी ने कहा,

“जब भी आप 220 का स्कोर बनाते हो तो विपक्षी बल्लेबाज़ों को लगातार शॉट लगाने होते हैं। अगर मैक्सवेल और डु प्लेसी अपने शॉट लगाते रहते तो फिर वह शायद 18वें ओवर में ही मैच जीत जाते। युवा गेंदबाज़ों पर ज़्यादा दबाव है। हालांकि उन्हें ख़ुद पर भरोसा रखते हुए, अपने स्ट्रेंथ पर काम करने की ज़रूरत है। युवा गेंदबाज़ों को डेथ ओवर में हैंडल करना मुश्किल है। हालांकि वह काफ़ी मेहनत कर रहे हैं। ब्रावो ऐसे ओवरों के स्पेशलिस्ट हैं। युवा गेंदबाज़ उनके साथ काफ़ी कुछ सीखेंगे।”

गौरतलब यह है कि शिवम दुबे ने बड़े-बड़े शॉट्स खेलते हुए बैंगलोर के गेंदबाज़ों की जमकर धुनाई की। लेकिन वेन पर्नेल की गेंद पर वह 52 रन बनाकर पवेलियन लौटे। इसके अलावा उन्होंने कॉनवे के साथ 37 गेंद पर 80 रन की उपयोगी साझेदारी भी की। उनका प्रदर्शन टीम की जीत के कई कारणों में से एक है। इसी के साथ बता दें कि पहले बल्लेबाज़ी करते हुए एमएस धोनी की टीम ने 227 रन का टारगेट सेट किया, जिसको आरसीबी हासिल करने में नाकाम रही और 8 रन से मुकाबला हार गई।

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