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भारतीय टीम के अतरंगी स्टाईल से बल्लेबाजी करने वाले मिस्टर 360 डिग्री के नाम से मशहूर सूर्यकुमार यादव ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किसी भी मैच में नहीं चले। उनकी किस्मत इस प्रकार उनसे रूठी की वह सीरीज के 3 मैच में तीन बार लगातार शून्य के स्कोर पर आउट हुए। इसके बाद सूर्या लगातार आलोचको के निशाने पर बने है।

इसके बाद सोशल मीडिया पर भी संजू सैमसन को सूर्या से बेहतर खिलाड़ी माना जा रहा है और यह ट्रेंड भी करने लगा है। ऐसे में भारतीय टीम को 1983 विश्व कप में विजेता बनाने वाले पूर्व कप्तान कपिल देव (Kapil Dev) ने इन दोनों की एक-दूसरे से तुलना करने वालों को फटकार लगाई है। इस बारे में उन्होंने क्या कुछ कहा है आईए जानते हैं।

सूर्या की तुलना संजू से करने पर भड़के Kapil Dev

Suryakumar Yadav and Sanju Samson

सूर्यकुमार यादव अपने क्रिकेट करियर में वनडे फॉर्मेट के सबसे बुरे वक्त से गुजर रहे हैं। वह कंगारू टीम के खिलाफ मुंबई, विशाखापट्टनम और चेन्नई में खेले गए किसी भी मुकाबले में खाता नहीं खोल सके। वहीं फैंस और सूर्या के आलोचक उनसे बेहतर संजू सैमसन को मान रहे हैं और उनकी जगह कंगारू सीरीज में संजू को बेहतर विकल्प बताने लगे हैं। लेकिन, कपिल देव (Kapil Dev) सूर्या के बयान से साफ स्पष्ट होता है कि वो सूर्या के आगे सैमसन को कुछ नहीं समझते। इस पर एबीपी से हुई बातचीत के दौरान उन्होंने कहा,

“एक क्रिकेटर जिसने इतना अच्छा खेला है उसे हमेशा अधिक मौके मिलेंगे। संजू सैमसन के साथ सूर्या की तुलना मत करो, यह सही नहीं लगता। अगर संजू एक बुरे दौर से गुजरता है तो आप किसी और के बारे में बात करेंगे। ऐसा नहीं होना चाहिए। अगर टीम प्रबंधन ने सूर्यकुमार यादव को वापस लेने का फैसला किया है तो उन्हें और मौके दिए जाने चाहिए। हां, लोग बात करेंगे, अपनी राय देंगे लेकिन आखिरकार यह प्रबंधन का फैसला है।”

सूर्या के पायदान के साथ हुई छेड़छाड़

Play sports for the love of it, Kapil Dev urges kids in New York

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम मैनेजमेंट ने सूर्या के साथ तीसरे और निर्णायक मुकाबले में गलत व्यवहार किया था। उन्हें नंबर चार पर बल्लेबाजी करने की जगह नंबर 7 पर मैदान पर उतारा था। जिसका खामियाजा एक बार फिर उन्हें शून्य रन पर भुगतान पड़ा। इसी पर कपिल देव (Kapil Dev) ने आगे कहा कि,

“मैच खत्म होने के बाद बात करना बहुत आसान है। हो सकता है कि सूर्यकुमार को नंबर 7 पर भेजने के पीछे उन्हें फिनिशर के रूप में मौका देना था। यह (बल्लेबाजी क्रम में फेरबदल) एकदिवसीय मैचों में कोई नई बात नहीं है। ऐसा कई बार हुआ है। हां, कई बार ऐसा हो सकता है कि एक बल्लेबाज का आत्मविश्वास डगमगा जाता है अगर उसे नीचे के क्रम में खींचा जाता है। लेकिन यह खिलाड़ी पर निर्भर करता है कि वह अपने कप्तान को बताए कि ‘मैं शीर्ष क्रम में खुद को संभाल सकता हूं। कोच और कप्तान ने खास सोच समझकर फैसला लिया होगा।”

गौरतलब है कि सूर्या को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में श्रेयस अय्यर के चोटिल होने के बाद एकदिवसीय श्रृंखला में उनकी जगह टीम की प्लेंइग इलवेन में शामिल किया गया था। जिसमें वह किसी भी मुकाबले में अपना खाता भी नहीं खोल पाए। इस दौरान उनकी किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया और उनका बल्ला एक-एक रन को बनाने के लिए मोहताज रहे।

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