Yuzvendra chahal-T20
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17 अक्टूबर को टी20 विश्व कप (T20 World Cup 2021) का इंतजार खत्म होने वाला है. बीसीसीआई ने भी अपने मेन स्क्वॉड का ऐलान कर दिया है. लेकिन, युजवेंद्र चहल (Yuzvendra chahal) जैसे लेग स्पिनर का पत्ता इस मेगा इवेंट से कट गया. ये टूर्नामेंट बीते साल ही ऑस्ट्रेलिया में होना था. लेकिन, कोरोना महामारी की वजह से ऐसा संभव नहीं हो सका और इसे आगे के लिए टाल दिया गया था. ऐसे में लंबे समय से क्रिकेट प्रेमी इस मेगा टूर्नामेंट का इंतजार कर रहे हैं. तकरीबन सभी बोर्ड ने अपनी-अपनी टीमों की घोषणा कर दी है.

दरअसल इस बड़े टूर्नामेंट के लिए चुनी गई भारत की 15 सदस्यीय टीम में रवीचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा और राहुल चाहर जैसे खिलाड़ियों को तवज्जो दिया गया है. लेकिन, यूजी के अनुभव को नजरअंदाज कर दिया है. इस फैसले से काफी सारे फैंस भी नाखुश दिखाई दिए. हम अपनी इस खास रिपोर्ट में उन 3 मसलों का जिक्र करने जा रहे हैं, जिसकी वजह से वो इस टूर्नामेंट में जगह बनाने के लिए डिजर्व करते थे.

1. अच्छा रिकॉर्ड

Yuzvendra chahal

युजवेंद चहल (Yuzvendra chahal) का सीमित ओवरों के फॉर्मेट में अच्छा रिकॉर्ड रहा है. जिसे किसी भी तरह से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. भारत की ओर से उन्होंने टी20 अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 2016 में डेब्यू किया था. इसके बाद से अब तक वो 49 मुकाबले खेल चुके हैं. ना सिर्फ भारतीय सरजमीं पर बल्कि विदेशों में भी उन्होंने अलग-अलग पिच कंडीशन में भी अपनी शानदार गेंदबाजी का नमूना पेश किया है. एक समय में वो अपनी धारदार गेंदबाजी के चलते टीम मैनेजमेंट की पहली पसंद माने जाते थे.

आज भी वो दूसरे नंबर पर सबसे बेहतरीन लेग स्पिनर की लिस्ट में आते हैं. इसके बाद भी उन्हें टी20 विश्व कप की टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. 49 अंतर्राष्ट्रीय टी20 मुकाबले में यूजी ने 8.32 की इकोनॉमी रेट से गेंदबाजी करते हुए कुल 63 विकेट हासिल किए हैं. उनका गेंदबाजी औसत भी 25.3 का रहा है. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 25 रन देकर 6 विकेट रहा. उनके रिकॉर्ड को देखते हुए ये कहना गलता नहीं होगा कि वो इस मेगा इवेंट में जगह बनाना डिजर्व करते थे. खास बात तो ये है कि, उन्हें इस फॉर्मेट में अच्छा-खासा एक्सपीरियंस भी है.

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