पूर्व भारतीय बल्लेबाज युवराज सिंह ने 2019 विश्व कप के लिए अंबाती रायडू की अनदेखी के लिए एमएसके प्रसाद की अगुवाई वाले चयन पैनल की खिंचाई की है. युवी ने रायडू पर अनुभवहीन खिलाड़ियों को चुनने के लिए चयनकर्ताओं को लताड़ा, जो विश्व कप से पहले पिछले 18 महीनों में टीम के लिए लगातार खेल रहे थे.

रायडू टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे और उन्होंने न्यूजीलैंड की कठिन परिस्थितियों में 90 रन बनाए थे. हालाँकि, रायडू के लिए आईपीएल 2019 का सत्र काफी खराब रहा था. 17 पारियों में उनके बल्ले से 23.5 की साधारण से औसत के साथ सिर्फ 282 रन ही देखने को मिले और इसी के चलते उनको विश्व कप की टीम से भी ड्रॉप होना पड़ा.

शंकर को मिला था मौका

भारतीय चयनकर्ताओं ने अम्बती रायडू के स्थान पर टीम में ऑल राउंडर विजय शंकर को स्थान दिया था और अपने बयान में पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने कहा था, कि हमने विजय शंकर को इसलिए मौका दिया है क्योंकि वह टीम में 3डी (बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग) से मजबूती प्रदान करते है.

इतना ही नहीं जब शंकर बीच टूर्नामेंट में चोटिल हो गये तो उनके स्थान पर टीम में ऋषभ पंत को इंग्लैंड भेजा गया था और रायडू को एक बार फिर से नजरअंदाज किया गया. वाकई में विश्व कप टीम अम्बती रायडू का चयन ना होना बहुत ही चौंकाने वाला फैसला था.

युवराज ने कही ये बात

हाल में ही युवराज सिंह ने एक इंस्टाग्राम लाइव चैट के दौरान अंबाती रायडू को लेकर अपने बयान में कहा, कि

”2019 में मुझे नहीं पता की मध्यक्रम को लेकर टीम की क्या सोच थी. विजय शंकर को नंबर 4 के लिए चुना गया था बाद में इस नंबर पर ऋषभ पंत खेले थे. विश्व कप से पहले इन खिलाड़ियों ने भारत के लिए मात्र 4 से 5 मैच ही खेले थे. उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में प्रदर्शन करने के बारें में कुछ खास अनुभव नहीं था. भारतीय टीम के चयनकर्तायों का प्लान क्या था?

”रायडू ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 90 रन बनाये थे. उसे आखिरी समय में टीम से बाहर कर दिया गया. रायडू, जिन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 90 रन बनाये थे. उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 औसत पारी और ख़राब आईपीएल के कारण टीम से बाहर कर दिया गया था. किसी को इस कॉल के बारें में जानने की जरुरत है. आप उन खिलाड़ियों के साथ विश्व कप खेलने नहीं जा सकते जिन्होंने मात्र 4 से 5 मैच ही खेले हो. इतने बड़े विश्व कप में खेलने के लिए एक विचार प्रक्रिया होनी चाहिए.”

रायडू ने ले लिया था संन्यास

विश्व कप की टीम से ड्रॉप होने के बाद ही अंबाती रायडू ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के साथ साथ क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास का ऐलान कर दिया था. हालाँकि कुछ समय बाद ही उन्होंने अपने रिटायरमेंट पर यू-टर्न लिया और क्रिकेट में वापसी की. रायडू ने 47.6 की शानदार औसत से 55 एकदिवसीय मैचों में 1694 रन बनाए थे.

विश्व कप से पहले कीवी दौरे पर अंबाती रायडू ने 190 रन बनाये थे, जबकि ऑस्ट्रेलिया जब भारत दौरे पर आया था, तब उनके बल्ले से सिर्फ 33 रन देखने को मिले थे और फिर खराब आईपीएल के चलते उनको टीम से बाहर कर दिया गया.

इस पर युवराज सिंह ने कहा, “भारतीय टीम में नहीं थे, क्योंकि उनके पास अच्छा आईपीएल नहीं था.’’

युवी का फूटा गुस्सा

दूसरी ओर, युवराज को लगता है कि चयनकर्ताओं के इन अपमानजनक कॉल को चुनौती देने की जरूरत है. युवी का ऐसा मानना है कि टीम में उन खिलाड़ियों को मौका नहीं मिलना चाहिए जिन्होंने अनुभवी खिलाड़ियों के स्थान पर सिर्फ इक्का दुक्का मैच ही खेले हो. युवराज ने कहा,

“किसी को इन कॉल्स को चुनौती देने की आवश्यकता है. आप उन लोगों के साथ विश्व कप में नहीं जा सकते, जिन्होंने सिर्फ 3-5 एक दिवसीय मैच खेले हैं. इतने बड़े विश्व कप में जाते समय एक विचार प्रक्रिया होनी चाहिए. आगामी टी20 विश्व कप के लिए जो लगातार प्रदर्शन रहे हैं और जिनके पास अनुभव है. उन्हें भारतीय टीम में चुनना चाहिए. अंतिम समय में आप किसी खिलाड़ी को टीम में रखते हैं क्योंकि आप उसे पसंद करते हैं. ये उस व्यक्ति के लिए गलत है. जिसे टीम से बाहर कर दिया गया है.”

AKHIL GUPTA

क्रिकेट...क्रिकेट...क्रिकेट...इस नाम के अलावा मुझे और कुछ पता नहीं हैं. बस क्रिकेट...