Indian cricketer Gautam Gambhir (R) talks with Yuvraj Singh during a training session ahead of the fourth One Day International (ODI) match between India and New Zealand in Bangalore on December 6, 2010. India lead the five match ODI series 3-0. AFP PHOTO/Dibyangshu SARKAR (Photo credit should read DIBYANGSHU SARKAR/AFP/Getty Images)

सिक्सर किंग के नाम से क्रिकेट इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों से लिखवाने वाले युवराज सिंह ने 10 जून को क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट्स को अलविदा कह दिया। अब दिग्गज गौतम गंभीर ने 2007 में सितंबर महीने में खेले गए टी 20 विश्व कप और 2011 के विश्व कप में युवराज के दिए योगदान के लिए बीसीसीआई से मांग की है कि वह युवराज की नंबर-12 जर्सी को रिटायर कर खिलाड़ी को सम्मान दें।

युवराज की नबंर जर्सी नंबर-12 को दें रिटायरमेंट

गौतम गंभीर ने टाइम्स ऑफ इंडिया में अपने कॉलम में लिखा,

“सिंतबर का महीना मेरे लिए कुछ खास यादें लेकर आया है। यह साल 2007 के नौवें महीने का वही समय है जब हमने आइसीसी टी-20 विश्व कप जीता था। तब अविश्वसनीय युवराज सिंह अपनी शानदार लय में थे।

उस टूर्नामेंट और 2011 विश्व कप में उनके प्रदर्शन के लिए मैं बीसीसीआइ से 12 नंबर की जर्सी को रिटायर करने का आग्रह करता हूं जो उन्होंने पहनी थी। यह ऐसे क्रिकेटर के लिए सही सम्मान होगा। कुल मिलाकर, हमारी जीत ने यह बताया कि ‘कीप-इट-सिंपल’ कैसे काम करता है।

मुझे याद है कि मैंने अपने प्रिय मित्र युवराज से इंग्लैंड के खिलाफ उन छह छक्के मारने के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा था कि यार गौती बस हो गया, मैंने इसके लिए कभी रणनीति नहीं बनाई।“

गौतम गंभीर-युवराज रहे मैच विनर खिलाड़ी

गौतम गंभीर

गंभीर इस टूर्नामेंट में छह पारियों में 227 रन के साथ दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे। फाइनल में उनकी 75 रनों की पारी ने भारत को 157/5 के कुल स्कोर पर पहुंचाया था। और गेंदबाजों ने भी विपक्षी टीम को बांधे रखा।

युवराज सिंह अपनी स्टाइलिश बल्लेबाज के रूप में पहचाने जाते हैं। 2007 की टी 20 विश्व कप उनके क्रिकेट करियर का शानदार टूर्नामेंट रहा। उन्होंने इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड की 6 बॉल्स पर 6 छक्के जड़कर सिक्सर किंग का नाम कमाया। इसी के साथ उन्होंने 194.73 के स्ट्राइक रेट से पांच पारियों में 148 रन बनाए।

2011 विश्व कप में भी गौतम गंभीर और युवराज सिंह टीम के सदस्य रहे। दोनों ही खिलाड़ियों ने टीम इंडिया की खिताबी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गंभीर ने फाइनल में 97 रनों की पारी खेली। युवराज पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन फॉर्म में थे। इसके लिए युवी को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया।

जर्सी नंबर-10 को किया गया है रिटायर

सचिन तेंदुलकर

आप क्रिकेट से जुडे हो या न जुड़े हो लेकिन क्रिकेट के भगवान की तरह पूजे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के बारे में तो बखूबी जानते होंगे। भारतीय क्रिकेट को नया चेहरा देने वाले, हजारों युवाओं को दिशा देने वाले सचिन तेंदुलकर भारतीय क्रिकेट इतिहास के एकमात्र ऐसे क्रिकेटर हैं जिनके जर्सी नंबर-10 को रिटायरमेंट देकर खिलाड़ी को सम्मान दिया गया था।

आपको बता दें, अमेरिका के खेल जगत में यह आम परंपरा है। किसी महान खिलाड़ी की जर्सी को फिर कोई दूसरा व्यक्ति नहीं पहनता है। लेकिन भारत में आज तक एकमात्र सचिन के जर्सी नंबर-10 को ही रिटायर किया गया है।

सचिन की यह जर्सी मुंबई इंडियन्स ने रिटायर की थी.

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