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क्रिकेट के मैदान पर चौके-छक्के लगाने वाला आदित्य पाठक नाम का एक भारतीय बल्लेबाज इन दिनों जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है. इस क्रिकेटर की दोनों किडनी खराब हो चुकी है.

इलाज के लिए काफी पैसों की जरुरत है, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से इस उभरते हुए क्रिकेट सितारें को मदद के दुसरें लोगो की दरकरार है.

पाली उमरीगर ट्रॉफी समेत कई अन्य फॉर्मेट में खेल चुके है आदित्य 

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उतर प्रदेश के यशोदानगर में रहने वाले 25 साल के आदित्य पाठक 2002 से क्रिकेट के मैदान पर अपना जौहर दिखा रहे है वह अब तक पाली उमरीगर ट्रॉफी समेत क्रिकेट के कई अन्य फॉर्मेट में खेल चुका है.

साल 2009 से उन्हें अपनी किडनी में दिक्कत हुई और जब वह अस्पताल पहुंचे तो उन्हें पता चला, कि उनकी दोनों किडनी खराब हो चुकी है.

पिता कर चुके है किडनी डोनेट अब करेगी मां

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आपकों बता दे, कि आदित्य के पिता ने 2013 में अपनी किडनी आदित्य को डोनेट कर दी थी, लेकिन एक बार फिर उनकी किडनी में इंफेक्शन बताया जा रहा है और इसके इलाज के लिए लगभग 16-17 लाख रूपये का खर्च बताया गया है. इस बार आदित्य की मां ही अपनी एक किडनी आदित्य को देने वाली है.

लेकिन परिवार के पास इतने पैसे नहीं है, कि वह दोबारा किडनी ट्रांसप्लांट का खर्चा उठा सके, इसलिए इस मुश्किल घड़ी में कई नामी क्रिकेटर और सामजिक संस्थाएं उनकी मदद के लिए आगे आई है.

नामी क्रिकेटर कर रहे है आदित्य की मदद 

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सूत्रों के मुताबिक, आरपी सिंह ने 25000, तन्मय श्रीवास्तव ने 15000, ऋषभ मिश्रा ने 10000, अंकित सिंह राजपूत 25000 मोहम्मद कैफ 20000 और कुलदीप यादव ने तीन लाख रूपये दिए है.

कुलदीप यादव के संग खेल चुके है आदित्य 

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अपने एक बयान में आदित्य ने बताया था, कि वह भारत के लिए खेलने वाले कुलदीप यादव के संग कई क्रिकेट मैच खेल चुके है. उन्होंने कहा है, कि पाली उमरीगर ट्रॉफी में उतर प्रदेश के लिए ओपनिंग भी कर चुके है.

आदित्य ने यह भी बताया था, कि किडनी में दिक्कत आने के बाद से ही उनके दोस्तों व उनके क्रिकेट क्लब व कई समाजिक संस्थाओं ने उनकी काफी मदद की है. अब फिलहाल 5 जनवरी को अपोलो में उनका किडनी ट्रांसप्लांट होना है.

वही आदित्य के पिता ने अपने एक बयान में बताया, कि “आदित्य के साथी अपनी क्षमता के हिसाब से मदद कर रहे है. कोई 10 तो 20-25 हजार रूपये दे जाता है. समाजिक संस्थओं का भी सहयोग मिल रहा है. मदद करने वाले मेरे लिए भगवान के समान है और अब भगवान का ही सहारा है.”

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