धोनी
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भारतीय क्रिकट इतिहास के सर्वश्रेष्ठ कप्तान तथा विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी जिन्हें पूरी दुनिया प्यार से माही के नाम से भी जानती  है. आज यानि 7 जुलाई 2020 को वह 39 वर्ष के पूरे हो गए. रांची जैसे छोटे शहर से आकर क्रिकेट जगत में धूम मचाने वाले माही ने करीब 2 दशक तक भारतीय टीम की उन्नति में अहम योगदान दिया.

दिग्गज धोनी के अन्दर शुरुआत से ही एक अलग ही प्रतिभा थी. जिसे उन्होंने क्रिकेटर के मैदान में बखूबी दिखाया. आज हम आपको महेंद्र सिंह धोनी के कुछ ऐसे 5 कारणों के बारे में बताएँगे जो माही को दुनिया भर के सभी कप्तानों से अनोखा बनाते हैं.

5. अंत के ओवरों में अचानक खेल बदलने की क्षमता

महेंद्र सिंह धोनी के अन्दर अंत के ओवरों में गेंद को सीमारेखा के बाहर पहुँचाने की काबिलियत है वो बहुत ही कम क्रिकेटरों के पास होती है. इसी कारण उनको  ‘महेंद्र बाहुबली धोनी’ भी कहा जाता है. दरअसल एक प्रसारणकर्ता चैनल की हिंदी कमेंट्री टीम ने उन्हें यह नाम दिया था. धोनी की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी को देखते हुए एक मशहूर कमेंटेटर ने उन्हें यह नाम ऑन एयर दिया था.

एमएस धोनी के रिकॉर्ड्स भी इसे अच्छे से साबित करते हैं. धोनी को यह नाम उनकी जबरदस्त हिटिंग पवार के लिए दिया गया था. पहले के समय में गेंदबाजों के पास यॉर्कर के तौर पर ऐसा हथियार था, जिसका तोड़ किसी भी बल्लेबाज के पास नहीं था. लेकिन माही ने अपने इसी बाहुबल के दमपर यॉर्कर गेंद का रामबाण खोज निकला था. जिसे क्रिकेट के कई दिग्गज तथा कमेंटेटर धोनी का ईजाद किया हुआ हेलिकॉप्टर शॉट कहते हैं.

इसी कारण एक कप्तान के तौर पर अंत तक खड़े रहकर अंत के ओवरों में माही अपने बाहुबल से गेंदबाजों के लिए एक बुरे सपने की तरह बन जाते हैं.माही सबसे अधिक 6-7 नंबर पर ही बल्लेबाजी करते थे ऐसे में उनका 50 का बल्लेबाजी औसत होना अपने आप में माही की काबिलियत को बयान करता है.

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Ashutosh Tripathi

मैं एक पत्रकार हूँ. पत्रकार ना तो आस्तिक होता है और ना तो नास्तिक होता है बल्कि...