भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अपने सरल स्वभाव और मैदान पर अपने शांत बर्ताव से दुनियाभर के करोड़ों लोगों को अपना दिवाना बनाया, धोनी भारतीय क्रिकेट टीम के लिए जब भी खेले उन्होंने मैदान पर न कभी किसी खिलाड़ी से विवाद किए न ही कभी बुरे बर्ताव के कारण सुर्खियों में रहें। जिसके कारण उन्हे कूल कैप्टन भी कहा जाता रहा है। लेकिन आईपीएल में पिछले कुछ समय से धोनी के बर्ताव को देखकर लगता है की धोनी अब उतना कूल नहीं रहे जितना वह हुआ करते थे।

हैदराबाद के खिलाफ मैच में विवादों में आयें धोनी

चेन्नई सुपर किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेले गए पिछले मुकाबले में एक समय ऐसा आया जब धोनी ने अपना आपा खो दिया, जिसमें वह अंपायर के फैसले पर भड़क गए। बात दरअसल कुछ ऐसी है की आईपीएल के पिछले मुकाबले के 19वें ओवर के दौरान जब शार्दूल ठाकुर गेंदबाजी कर रहे थे।

उसी दौरान उन्होंने ओवर की दूसरी गेंद को वाइड यार्कर फेंका जो की वाइड चली गई, अम्पायर जैसे ही वाइड देने गए, तभी धोनी उसपर भड़क गए जिसके बाद अंपायर ने फैसला बदल दिया। उस दौरान धोनी ने अंपायर को कुछ कहते हुए भी सुना गया. जहाँ पर वो अपना पक्ष रखते हुए नजर आयें.

राजस्थान के खिलाफ मैच में भी गुस्सा हुए धोनी

राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच में भी धोनी को गुस्सा होते हुए देखा गया, राजस्थान के खिलाफ मैच के दौरान राजस्थान की पारी के 18वें ओवर में दीपक चाहर की गेंद पर अंपायर सी शम्सुददीन टॉम कुरेन को आउट दे दिया। उस  समय राजस्थान रॉयल्स के पास रिव्यू नहीं बचा था, मतलब की टॉम कुरेन को आउट होकर वापस पवेलियन लौटना तय था।

लेकिन तभी मैच के लेग अंपायर विनीत कुलकर्णी आए और उन्होंने अंपायर शम्सुददीन को तीसरे अंपायर से मदद मांगने को कहा। इसके बाद चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और अंपायरों के बीच बहस हुई। उस दौरान मैदानी अंपायर द्वारा अपने फैसले को बदलने के कारण धोनी गुस्सा हुए।

पिछले साल डगआउट से बीच मैदान पर चले गए थे धोनी

आईपीएल के पिछले सीजन भी धोनी का गुस्सा देखने को मिला था, पिछले साल चेन्नई और राजस्थान के बीच खेले गए मुकाबले के दौरान जब आखिरी ओवर की चौथी गेंद पर बेन स्टोक्स की फुल टॉस गेंद को चेन्नई की पारी के आखिरी ओवर की चौथी गेंद पर अंपायर उल्हास गांधे ने बेन स्टोक्स की फुल टॉस गेंद को बीमर मानकर नो बॉल दिया, लेकिन तुंरत ही वह इससे मुकर गए।

इसके बाद एमएस धोनी सीएसके के डगआउट से उठकर मैदान में आ गए। और वह मैदानी अम्पायरों से बहस करने लगे, लेकिन दोनों अम्पायर अपने फैसले पर कायम रहे और चेन्नई को नो बॉल नहीं मिली। जिसके बाद धोनी को जुर्माना भी लगा था।