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आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप फाइल भारत 8 विकेट से हार गया और 2 सालों की मेहनत व संघर्ष सब पर पानी फिर गया। इस महामुकाबले में भारत को पसंदीदा माना जा रहा था, लेकिन ट्रॉफी मुंह तक तो आई, लेकिन हाथ में नहीं आ सकी। सोशल मीडिया पर तमाम फैंस का मानना है कि भारतीय कप्तान Virat Kohli ने इस बड़े मैच के लिए सही प्लेइंग इलेवन नहीं चुनी, जो हार की एक बड़ी वजह बनी। मगर कप्तान द्वारा दिए गए बयान से ये साफ झलक रहा है कि वह अपनी गलती को मानने के लिए तैयार नहीं हैं।

विराट ने दिया प्लेइंग इलेवन पर बयान

Virat Kohli

भारतीय क्रिकेट टीम को न्यूजीलैंड के हाथों WTC फाइनल में करारी हार मिली। इस मैच के लिए Virat Kohli ने मैच शुरु होने के 24 घंटे पहले ही प्लेइंग इलेवन का ऐलान कर दिया था। मगर जब बारिश के चलते मैच धुल गया, तो सभी को लग रहा था कि विराट अंतिम ग्यारह में बदलाव करेंगे। मगर उन्होंने ऐसा नहीं किया और वह 2 स्पिनर्स के साथ मैदान पर उतरे। जबकि दुनियाभर के तमाम फैंस व दिग्गजों का मानना था कि उन्होंने सही प्लेइंग इलेवन नहीं खिलाई। मगर WTC फाइनल में मिली हार के बाद Virat Kohli ने प्लेइंग इलेवन को डिफेंड करते हुए बयान दिया था कि,

“मुझे नहीं लगता कि मैंने प्लेइंग इलेवन का ऐलान करके कुछ गलत किया और मेरे हिसाब से हमको एक ऑलराउंडर चाहिए था और जो हमारी इलेवन को एक संतुलन देता।”

मोहम्मद सिराज को दे सकते थे मौका

भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज इशांत शर्मा और मोहम्मद सिराज के बीच चयन को लेकर काफी वक्त से चर्चा चल रही थी और आखिर में Virat Kohli ने इशांत को चुना। मगर क्या ये फैसला सही था? हां, इशांत ने पहली पारी में 3 विकेट चटकाए, मगर दूसरी पारी में वह एक भी विकेट नहीं चटका सके।

ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा की जिस तरह की परिस्थितियां थीं, उसमें कप्तान सिराज को अंतिम ग्यारह का हिस्सा बना सकते थे, क्योंकि युवा पेसर के पास आत्मविश्वास, लय तो थी ही, बल्कि वह इस बड़े मैच में भारत के लिए ज्यादा अच्छा कर सकते थे, क्योंकि पिच पर मौजूद बाउंस का अपनी गति से भरपूर फायदा उठा सकते थे।

शार्दुल ठाकुर को मिल सकता था मौका

Virat Kohli

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान Virat Kohli ने अंतिम ग्यारह में रविचंद्रन अश्विन व रविंद्र जडेजा के रूप में दो स्पिनर्स को खिलाया था और कोहली के बयान से ये साफ हो गया है कि जडेजा को ऑलराउंडर होने के नाते खिलाया था, लेकिन जड्डू ना तो गेंद से फायदा पहुंचा सके और ना ही बल्ले से। परिस्थितियों से साफ था कि भारत को 4 तेज गेंदबाजों को खिलाना चाहिए था और न्यूजीलैंड ने किया भी ऐसा ही।

अब यदि विराट कोहली इस बात को लेकर क्लीयर थे कि उन्हें 1 ऑलराउंडर चाहिए, तो वह स्क्वाड में शार्दुल ठाकुर को शामिल कर सकते थे और फिर प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बना सकते थे। क्योंकि बीते दिनों में शार्दुल ने गेंद के साथ-साथ बल्ले से भी अच्छा प्रदर्शन किया है और हार्दिक पांड्या की गैरमौजूदगी में वह बतौर तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर प्लेइंग इलेवन में शामिल होने के दावेदार थे। मगर कप्तान Virat Kohli ने गलत प्लेइंग इलेवन का चुनाव किया, जिसका खामियाजा भारत को ट्रॉफी गंवाकर चुकाना पड़ा।