Virat Kohli

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने 14 साल पहले अंडर 19 भारतीय टीम को वर्ल्डकप अपनी कप्तानी में जितवाया था. जिसको लेकर आज तक काफी चर्चा होती है. सितारों से भरी उस अंडर 19 टीम की क्लास कुछ अलग ही थी. आपको जानकार तहाज्जुब होगा कि आज भी उस टीम के खिलाड़ी एक वाट्सएप ग्रुप के ज़रिए जुड़े हैं. जहां पर मीम्स की भरमार होती है और साथ ही उस ग्रुप के सभी मेंबर एक दूसरे की काफी टांग भी खींचते हैं. ऐसे में अब उस वर्ल्डकप विजेता टीम का कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) अपना 100वां टेस्ट मैच खेलने जा रहा है.

लॉकडाउन के दौरान बनाया गया था ग्रुप

2008 under 19 indian team

आपको बता दें कि 2008 की विश्वकप विजेता अंडर 19 भारतीय टीम के मेंबर्स का ग्रुप वाट्सएप पर लॉकडाउन 2020 के दौरान बनाया गया था. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार उस ग्रुप पर खिलाड़ी एक दूसरे की खूब टांग खींचते हैं, और एक दूसरे को जमकर ट्रोल भी करते हैं. साथ ही सब 2008 में जीते वर्ल्डकप की सुनहरी यादों को ताज़ा करते हैं. इसके अलावा मीम्स और जोक्स भी उस ग्रुप में जमकर चलते हैं. उस टीम के हिस्सा रहे इकबाल अब्दुल्ला ने बताया कि

ग्रुप में किसी को भी बख्‍शा नहीं गया. सभी पर मीम्‍स और जोक्‍स चलते हैं.”

अब्दुल्ला ने इसके बाद वर्ल्डकप में उनके और विराट (Virat Kohli) के बीच हुए एक किस्से को बयां भी किया. उन्होंने बताया कि,

“कैसे वर्ल्‍ड कप मैच के दौरान गलती से उन्‍होंने मेरी फील्डिंग पोजीशन बदल दी. वह डीप मिडविकेट पर थे और बल्‍लेबाज ने स्‍क्‍वॉयर लेग की तरफ शॉट मारा. कोहली ने मुझे वहां पर फील्डिंग के लिए भेजा. इसके बाद गेंद मिडविकेट पर गई और फिर कोहली अपना आपा खो बैठे. अब्‍दुल्‍ला ने कहा कि फिर मुझे कोहली को पोजीशन के बारे में याद दिलाना पड़ा. हम आज भी उस पर हंसते हैं.”

तन्मय श्रीवास्तव ने की Virat Kohli की सरहाना

Virat Kohli-Tanmay srivastava

आईसीसी अंडर 19 विश्वकप 2008 के फाइनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी तन्मय श्रीवास्तव ने अपने कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) की जमकर प्रशंसा की है, और विराट की आलोचना करने वालो को अपने इस बयान से चुप करवाया है. तन्मय श्रीवास्तव ने अपने बयान में विराट कोहली (Virat Kohli) के संबंध में कहा कि,

“लोग कहते थे कि देखों उसे एटीट्यूड इश्‍यू है. मगर जब वो प्रदर्शन करना शुरू करते हैं तो उनकी आंखों में उनका एटीट्यूड अग्रेशन बन जाता है.”

उन्होंने आगे कहा कि,

“कई पूर्व खिलाड़ी कहते थे कि बड़ा खलीफा बन गया है. यह उनके रवैये पर कमेंट था. मगर लगातार शानदार प्रदर्शन से सब कुछ बदल गया. अब वहीं लोग कहते हैं कि वह आत्‍मविश्‍वासी खिलाड़ी हैं. उन्‍होंने कहा कि टीम में हम सभी मैच विनर्स थे, मगर कोहली अपने रवैये के कारण अलग थे. उनके पास स्पिरिट और कभी न हार मानने का एटीट्यूड था.”

बहरहाल, अब भारतीय टीम के रन मशीन विराट कोहली 4 मार्च को श्रीलंका के खिलाफ मोहाली में अपना 100वां टेस्ट मैच खेलने जा रहे हैं. जिसमें दर्शकों को उनसे काफी उम्मीद है. हर कोई उनकी शतक का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा है. उम्मीद है कि किंग कोहली श्रीलंका के खिलाफ अपने 100वें टेस्ट मैच में शतकीय पारी खेल, सालों से चला आ रहा शतक ना जड़ने के ख़राब रिकॉर्ड को तोड़ेंगे.