Virat Kohli

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) को टी20 विश्व कप के बाद आराम दिया गया। वह न्यूजीलैंड के साथ खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट मैच में मैदान पर वापसी करेंगे। लेकिन अब कोहली के लिए परिस्थितियां आसान नहीं होंगी। मैच जीतने से पहले उनपर टॉस जीतने का दबाव रहने वाला है। अब टॉस तो किसी के हाथ होता नहीं है, तो भई फिलहाल विराट को दुआं करनी होगी कि जब सिक्का उछले तो उनके पक्ष में गिरे।

रोहित-रहाणे का टॉस जीतना कोहली पर बनाएगा दबाव

Virat Kohli

इस बात में कोई संदेह नहीं है कि Virat Kohli का हाथ टॉस के मामले में काफी तंग रहता है। ना जाने टॉस के वक्त किस्मत उनसे रूठ जाती है, या सिक्का। अब टी20 विश्व कप के बाद कोहली ने सबसे छोटे फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ दी और रोहित शर्मा को नया कप्तान नियुक्त किया गया। लेकिन इसके बाद रोहित ने कीवी टीम के साथ खेली गई T20I सीरीज में बैक टू बैक तीनों ही टॉस जीत लिए और तीनों मैचों में जीत भी दर्ज की।

सोशल मीडिया पर फैंस ने हिटमैन की इसके लिए खूब तारीफ की। इसके बाद जब न्यूजीलैंड के साथ पहले टेस्ट मैच में अजिंक्य रहाणे कप्तानी करने मैदान पर उतरे, सिक्का उछला, तो रहाणे के पक्ष में ही गिरा। इसका मतलब है कि रोहित और रहाणे ने बैक टू बैक टॉस जीते हैं। ये कहीं ना कहीं Virat Kohli पर टॉस जीतने का दबाव बनाएगा।

Virat Kohli का खराब है टॉस में ट्रैक रिकॉर्ड

virat kohli

Virat Kohli और टॉस में उछाले जाने वाले सिक्के का मानो 36 का आंकड़ा है। तभी तो कोहली जो पिक करते हैं, टॉस में उससे उल्टा ही आता है और कोहली का टॉस में ट्रैक रिकॉर्ड वाकई काफी निराशाजनक है। कोहली ने हाल ही में खत्म हुए टी20 विश्व कप 2021 में शुरुआती तीन मैचों में टॉस हारा था, जिसमें पाकिस्तान, न्यूजीलैंड और फिर अफगानिस्तान के मैच शामिल थे।

लेकिन फिर आखिरी दो मैचों में उन्होंने लगातार टॉस जीते, जो मैच नामिबिया और स्कॉटलैंड के खिलाफ खेले गए। अफगानिस्तान के खिलाफ मैच तक विराट कोहली पिछले 14 टी-20 मैचों में 13 समय टॉस हारे। आपको जानकर हैरानी होगी कि 50 टी-20 इंटरनेशनल मैचों में भारत की कप्तानी की। इसमें से केवल 20 बार टॉस जीते हैं। अब ऐसे में यदि कोहली वानखेडे़ टेस्ट मैच में टॉस नहीं जीत पाते हैं, तो उन्हें सोशल मीडिया पर भयानक ट्रोलिंग का सामना करना पड़ेगा। कहीं ना कहीं उनके आत्मविश्वास पर भी ठेस पहुंचेगी।