Virat kohli

आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल मैच और इंग्लिश टीम के खिलाफ खेली जाने वाली 5 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए इन दिनों टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) तैयारियों में जुटे हुए हैं. उनके नेतृत्व में भारतीय टीम इंग्लैंड दौरा करेगी. लेकिन, विदेश यात्रा पर रवाना होने से पहले ही कप्तान के लिए एक बुरी खबर सामने आई है. जो क्रिकेटर के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है.

टीम इंडिया के कप्तान के लिए आई बुरी खबर

Virat kohli KS Shravanti

दरअसल क्रिकेट जगत और कुछ खिलाड़ियों को एक के बाद कई बड़े झटके लगे रहे हैं. यह सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. हाल ही में भुवनेश्वर कुमार ने अपने पिता को लीवर कैंसर जैसी भयावह बीमारी के कारण खो दिया था. इस खबर से अभी तक फैंस उबर भी नहीं पाए थे कि और बुरी खबर ने दस्तक दे दिया है.

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) को बचपन में बल्लेबाजी के गुर सिखाने वाले सुरेश बत्रा (Coach suresh batra death) ने हमेशा के लिए दुनिया को अलविदा कह दिया है. महज 53 साल की उम्र में उनका निधन हो गया गया है. क्रिकेट के अपने शुरूआत समय में कप्तान ने वेस्ट दिल्ली क्रिकेट अकादमी में कोच राजकुमार शर्मा के अंदर ट्रेनिंग की थी.

53 साल की उम्र में हुआ सुरेश बत्रा का निधन

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विराट कोहली (Virat kohli) ने जिस अकादमी में शुरूआत दौर में ट्रेनिंग ली थी वहां पर सुरेश बत्रा सहायक कोच थे. कहा जाता है कि, 53 साल के बत्रा ने केवल 9 साल की ही उम्र में कप्तान के अंदर क्रिकेटर बनने के टैलेंट को भाप लिया था. बता दें कि, वरिष्ठ खेल पत्रकार विजय लोकपल्ली के मुताबिक,

“सुरेश बत्रा गुरुवार को सुबह की पूजा करने के बाद अचानक ही गिर पड़े. इसके बाद वो नहीं रहे. उन्होंने बत्रा के और कोहली के साथ अपनी एक तस्वीर को साझा करते हुए उसके कैप्शन में लिखा कि,

“धारीदार टी-शर्ट पहने सुरेश बत्रा, जिन्होंने विराट कोहली को बचपन में कोच किया. उनका गुरुवार को उनका निधन हो गया. वो 53 साल के थे.”

भारतीय कप्तान के खेल को निखारने में की थी मदद

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लोकपल्ली के अलावा राजकुमार शर्मा ने भी सुरेश बत्रा के निधन पर दुख जताया है. उन्होंने कहा कि, “बत्रा के जाने से उन्होंने अपना छोटा भाई खो दिया. वो साल 1985 से उन्हें जानते थे.” बता दें कि, विराट कोहली (Virat kohli) जब टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी नहीं बने थे तो सबसे पहले राजकुमार शर्मा और सुरेश बत्रा ने उनकी इस प्रतिभा को निखारने में काफी हद तक मदद की थी. इन्हीं दोनों की देखरेख में उन्होंने महज 9 साल की उम्र में ट्रेनिंग  लेना शुरू कर दिया था.