Vitrat Kohli-shikhar dhawan

भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने बीते गुरुवार को सोशल मीडिया के जरिए ऐलान करते हुए ये बात स्पष्ट कर दी है कि, टी20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup) के बाद वो इस फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ रहे हैं. उनके अचानक से इस फैसले के बाद कई तरह के चर्चाएं जोरों पर हैं. इसी बीच शिखर धवन (Shikhar Dhawan) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है. क्या है पूरी रिपोर्ट उसके बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं.

शिखर धवन को टीम में वापस लाने के लिए कप्तान को करना पड़ा था काफी संघर्ष

Vitrat Kohli

कुछ रिपोर्ट्स के जरिए ऐसा दावा किया जा रहा है कि मार्च में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गई वनडे सीरीज में शिखर धवन को टीम में शामिल करने के लिए मौजूदा कप्तान को काफी संघर्ष करना पड़ा था. जी हां ‘क्रिकबज’ के हवाले से आ रही एक रिपोर्ट के मुताबितक इंग्लैंड के खिलाफ इसी साल हुई घरेलू वनडे सीरीज में चयनकर्ता ओपनर शिखर धवन को टीम में जगह नहीं देने के पक्ष में थे. लेकिन कप्तान पूरी तरह से धवन के पक्ष में थे.

 

चयनकर्ताओं का मानना था कि वे प्रदर्शन के आधार पर विजय हजारे ट्राफी में शानदार बल्लेबाजी करने वाले सलामी बल्लेबाजों को इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में मौका देना चाहते हैं. जिसके लिए विराट कोहली (Virat Kohli) बिल्कुल भी राजी नहीं थे. हालांकि ये अलग बात है कि, कुछ महीने बाद चयनकर्ताओं ने उन्हें श्रीलंका दौरे पर टीम इंडिया की कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी. लेकिन, मार्च में परिस्थिति कुछ और थी.

Virat Kohli ने टी20 फॉर्मेट को लेकर कही है ऐसी बात

photo 2021 09 17 10 53 28

मार्च में हुई बैठक के बाद इंग्लैंड के खिलाफ टीम की घोषणा करने और सहमित के लिए 5 दिन लग गए थे. हालांकि सूत्रों का कहना है कि कप्तान और चयनकर्ता के बीच किसी तरह का विवाद नहीं है. मार्च में हुआ मसला एक अपवाद है. विराट कोहली (Virat Kohli) के  करीबियों का कहना है कि, उन्हें कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं है. बीसीसीआई (BCCI) उनसे सिर्फ कुछ दबाव कम करना चाहता था.

 

अपने जारी किए गए स्टेटमेंट में कप्तान ने ये बात स्पष्ट करते हुए कहा है कि, मैंने टी20 कप्तान के तौर पर अपने दौर में टीम को सब कुछ दिया है और आगे बढ़ते हुए एक बल्लेबाज के तौर पर टी20 टीम के लिए मैं ऐसा करना जारी रखूंगा. बेशक, इस फैसले पर पहुंचने में बहुत वक्त लगा. उन्होंने इस पोस्ट के जरिए ये भी कहा कि,

“मैंने चयनकर्ताओं के साथ सचिव जय शाह और बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली से भी बात की है. मैं अपनी पूरी क्षमता से भारतीय क्रिकेट और भारतीय टीम की सेवा करना जारी रखूंगा.”