भारत और श्रीलंका की टीम के बीच तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला बहुत जल्द शुरू होने वाली हैं. दोनों टीमों के बीच पहला टेस्ट मैच अगले हफ्ते बुधवार, 26 जुलाई को गाले के मैदान पर खेला जायेंगा. जहाँ दोनों टीमें जीत के साथ टेस्ट श्रृंखला का आगाज करना चाहेंगी. आप सभी की जानकारी के लिए बता दे, कि विराट कोहली की अगुवाई वाली टीम इंडिया बुधवार, 19 जुलाई को श्रीलंका पहुंच चुकी हैं.

श्रीलंका पहुंचने के बाद आया कोहली का बयान 

गुरूवार, 20 जुलाई को कोलोंबो पहुंचने के बाद भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने एक प्रेस कांफ्रेंस में भाग लिया और कहा, कि ”टीम ने आने वाले सभी खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं. चोट खेल का एक दुर्भाग्यपूर्ण हिस्सा हैं. मुरली विजय रिहैब से लौटा था और मगर वह पूरी तरह से मैच फिट नहीं हो पाया. मुरली विजय का बाहर होना वाकई में हमारे लिए अच्छी बात नहीं हैं. अभिनव मुकुंद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी खेले थे और शिखर धवन ने भी 2015 के श्रीलंकाई दौरे पर पहले टेस्ट में शतक बनाया था, लेकिन बाद में चोटिल होने के कारण वह नहीं खेल सके. चेतेश्वर पुजारा ने भी उसी दौरे पर अंतिम टेस्ट से वापसी की थी मिले मौके का जमकर फायदा उठाया था.”

विराट ने दिया गोलमटोल जवाब

भारतीय कप्तान अंत तक अपने पत्ते नहीं खोलते है, और यहाँ भी विराट ने हमेशा की तरह वही किया है, विराट कोहली ने प्रसंशको के साथ-साथ श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड या श्रीलंका के खिलाड़ियों को इस बात की भनक तक नहीं लगने दिया, कि कौन सा भारतीय खिलाड़ी भारत के लिए श्रीलंका के खिलाफ ओपनिंग करेगा, हालाँकि इस बात में कोई संदेह नहीं है, कि नये कोच रवि शास्त्री और मौजूदा कप्तान विराट कोहली की पहली पसंद हमेशा शिखर धवन ही रहे है, ऐसे में शिखर धवन ही के.एल राहुल के साथ मिलकर पहले टेस्ट में 26 जुलाई को भारतीय पारी की शुरुआत कर सकते है.

धवन की हुई हैं वापसी 

आप सभी को बता दे, कि मुरली विजय के चोटिल होने के कारण शिखर धवन की टीम इंडिया में वापसी हुई हैं. शिखर धवन लगभग एक साल के अन्तराल के बाद भारतीय टेस्ट टीम में वापसी करने में सफल रहे हैं, जबकि अभिनव मुकुंद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुई बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज में भी खेलते हुए नज़र आये थे और घरेलू क्रिकेट में एक लम्बे से बेहद ही शानदार फॉर्म में चल रहे हैं.

लंका को नहीं लेगे हल्के में 

विराट कोहली ने मीडिया से बात करते हुए कहा, कि‘हम अपने किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं ले सकते. मुझे याद हैं दो साल पहले ऑस्ट्रेलिया के दौरे के बाद हम यहाँ आये थे और हमारी रैंकिंग 6 या 7 थी. मगर उस टेस्ट श्रृंखला ने हमारे अन्दर जोश भरा और हमने एक टीम के रूप में एकजुट होने की सीख मिली. पहला मैच हारने के बाद 2-1 से श्रृंखला जीतना हमारे लिए यादगार रहा. हम श्रीलंका को हराने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे.”