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साल 2008 में टीम इंडिया में इंट्री करने वाले टीम इंडिया के मौजूदा कप्तान विराट कोहली का आज 32वां जन्मदिन है। 2008 से 2020 बीच अब तक विराट कोहली ने अपने क्रिकेट करियर में कई रिकॉर्ड बनाए, इसी बीच वह टीम इंडिया के कप्तान भी बन गए। लेकिन आज हम विराट कोहली के उन दिनों के बारे में बात करेंगे जब वह लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव की कप्तानी में खेलते थे।

तेजस्वी यादव की कप्तानी ने बदल दी किस्मत

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विराट कोहली का जन्म 5 नवंबर 1988 को नई दिल्ली में हुआ। विराट कोहली आज भले टीम इंडिया के कप्तान बन गए हो। फिलहाल टीम इंडिया में किसे मौका देना है किसे नहीं यह भले विराट कोहली निर्णय लेते हो, लेकिन एक दौर ऐसा था की कोहली किस स्थान पर बल्लेबाजी करेंगे वह निर्णय आरजेडी के नेता लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव लेते थे।

यह शायद बहुत कम लोग जानते होंगे की जब विराट कोहली क्रिकेट खेलना शुरू किए थे उस दौरान तेजस्वी यादव कोहली के कप्तान थे। कोहली के अंडर-14, अंडर-16 करियर के दौरान तेजस्वी, कोहली दिल्ली टीम का हिस्सा थे, और तेजस्वी टीम के कप्तान थे। टीम इंडिया के पूर्व सेलेक्टर और बल्लेबाज दिलीप वेंगसरकर ने एक इंटरव्यू के दौरान खुलासा किया था की कैसे तेजस्वी के कप्तानी में कोहली की किस्मत बदल गई।

दिलीप वेंगसरकर ने बताया कैसे बदल गई विराट की किस्मत

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टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर और चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर ने एक वेबसाइट को दिए गए इंटरव्यू के दौरान यह खुलासा किया था, की बीसीसीआई ने साल 2000 में टैलेंट खिलाड़ी ढूंढने वाली एक समिति बनाई थी, वेंगसरकर उस समिति के हेड थे, और बृजेश पटेल भी समिति के हिस्सा थे। यह समिति देशभर में अंडर-14, अंडर-16 और अंडर-19 के मैच देखती थी।
दिलीप वेंगसरकर ने बताया की कोहली को उन्होंने पहली बार अंडर-16 मैच में मुंबई के खिलाफ देखा खेलते हुए देखा था। उस दौरान विराट कोहली, लालू यादव के बेटे तेजस्वी की कप्तानी में खेल रहे थे, उस दौरान विराट कोहली ने वहां जबर्दस्त बल्लेबाजी की थी।

कोहली के प्रदर्शन से दिलीप वेंगसरकर हुए प्रभावित

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विराट कोहली के बारे में बोलते हुए दिलीप वेंगसरकर ने बताया था की जब कोहली का शानदार प्रदर्शन वह देखे थे उसी दौरान ऑस्ट्रेलिया में इमर्जिंग ट्रॉफी होनी थी, जिसके लिए दिलीप वेंगसरकर ने कोहली को चुना था। इमर्जिंग ट्रॉफी में कोहली से शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। उस दौरान न्यूज़ीलैंड टीम के खिलाफ विराट ने ओपनिंग की और उन्होंने लक्ष्य का पीछा करते हुए नाबाद 123 रन ठोके।
शतक के बाद भी विराट मैच में आउट नहीं हुए और उन्होंने मैच खत्म किया। दिलीप वेंगसरकर ने कहा की विराट कोहली का प्रदर्शन देखने के बाद उन्हे लगा कि कोहली टीम इंडिया के लिए तैयार है, वह मानसिक तौर पर परिपक्व थे। इसलिए उन्हें भारतीय टीम में खेलने का मौका दिया। आज विराट मौजूदा दौर के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज माने जाते हैं।