virat kohli-Prithvi Shaw

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियशिप के फाइनल मुकाबले को भारत गंवा चुका है. अब इसके दूसरे साइकिल की शुरूआत 4 अगस्त से होने जा रही है. विराट कोहली (Virat Kohli) के नेतृत्व में टीम इंडिया इंग्लैंड के खिलाफ जीत के उद्देश्य से इस श्रृंखला में उतरने को तैयार है. इंग्लिश टीम के साथ भारत को 5 मैचों की टेस्ट सीरीज (India vs England) खेलना है. लेकिन, इससे पहले मैनेजमेंट के लिए बुरी खबर आ चुकी है. शुभमन गिल की इंजरी ने टीम की चिंता को दोगुना कर दिया है. ऐसी परिस्थिति में टीम मैनेजमेंट बतौर ओपनर पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) की मांग की है.

घरेलू क्रिकेट में शॉ का बेहतरीन फॉर्म जारी

Virat Kohli

फिलहाल इस समय ये युवा सलामी बल्लेबाज टेस्ट के मुताबिक अच्छी फॉर्म में नहीं है. विजय हजारे ट्रॉफी में उनके बल्ले से 800 से ज्यादा रनों की बरसात हुई थी. यहां तक कि अपनी जिम्मेदारी पर उन्होंने मुंबई टीम को खिताब भी दिलाया था. इसके बाद आईपीएल 2021 के पहले चरण में भी उन्होंने महत्वपूर्ण पारियां खेली थीं और 8 मैच में 166.48 के स्ट्राइक रेट से कुल 308 रन बनाए थे.

अब उन्हें श्रीलंका के खिलाफ सीमित ओवर की सीरीज में चुना गया गया है और वो इस दौरे पर पहुंच भी चुके हैं. यहां पर भारतीय टीम को 3 मैचों की वनडे और इतने ही मुकाबलों की टी20 सीरीज खेलनी है. ऐसे में एक बात स्पष्ट है कि, ओपनिंग की जिम्मेदारी पृथ्वी शॉ और शिखर धवन पर होगी. क्योंकि आईपीएल में भी दिल्ली कैपिटल्स के लिए दोनों ने कई बड़ी साझेदारियां की थी. ऐसे में क्या विराट कोहली (Virat Kohli) भी उन्हें इंग्लैंड में देखना चाहते हैं अभी ये सिर्फ सवाल ही है?

अब तक 8 अंतर्राष्ट्रीय मैच का शॉ को रहा है अनुभव

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इसके साथ ही पृथ्वी शॉ के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर पर एक नजर दौड़ाएं को 21 साल के युवा बल्लेबाज अब तक भारत की तरफ से 5 टेस्ट मैच में हिस्सा लिया है. इम मुकाबलों में 42 की शानदार औसत से उन्होंने कुल 339 रन बनाए हैं. इस पारी में 1 शतक 2 अर्धशतक शामिल हैं. जबकि, एकदिवसीय फॉर्मेट में उन्होंने कुल 3 वनडे मैच खेले हैं और सिर्फ 84 रन बनाए हैं.

यूं तो इस युवा बल्लेबाज ने अपने लंबे फॉर्मेट करियर की शुरूआत में लोगों को खासा प्रभावित किया था. उन्होंने जमकर वाहवाही भी लूटी थी. लेकिन, शॉ का ग्रह तब खराब हुआ जब विराट कोहली (Virat Kohli) के नेतृत्व में उन्होंने न्यूजीलैंड की धरती पर कदम रखा और दोनों टेस्ट में फेल रहे. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट में भी उनका बल्ला शांत रहा. बीती 6 पारियों ने उनके अच्छे खासे करियर पर ब्रेक लगा दिया. ऐसे में अब उनकी जगह शुभमन गिल ने ले ली थी.

मयंक अग्रवाल और केएल राहुल काफी अनुभवी खिलाड़ी हैं

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हालांकि टीम इंडिया के पूर्व कप्तान कपिल देव ने टीम में अनुभवी क्रिकेटरों की मौजूदगी के बाद भी अतिरिक्त खिलाड़ियों की मांग पर असमति जताई है. उनका कहना है कि, इस तरीके का असर खिलाड़ियों के मनोबल पर पड़ेगा. मयंक अग्रवाल (Mayank agarwal) और केएल राहुल (KL Rahul) के पास फर्स्ट क्लास क्रिकेट का बेहतरीन एक्सपीरियंस है. दोनों इस वक्त इंग्लैंड में ही मौजूद हैं. 30 साल के मयंक के फर्स्ट क्लास क्रिकेट की बात करें तो उन्होंने 68 मैच में 46 की औसत से 5092 रन बनाए हैं.

जिसमें उनके बल्ले से 11 शतक और 27 अर्धशतक निकले हैं. 29 साल के केएल राहुल ने 78 फर्स्ट क्लास मैच में 46 की औसत से 5802 रन बनाए हैं. इस पारी में 14 शतक और 29 अर्धशतक शामिल है. इसलिए मैनेजमेंट को शुरुआत में इन्हीं दोनों में किसी एक को बतौर ओपनर मौका देना चाहिए. स्टैंडबाई के तौर पर टीम के पास अभिमन्यु ईश्वरन भी हैं. ऐसे में क्या विराट कोहली (Virat Kohli) इनमें से किसी एक को मौका देंगे या फिर नए ओपनर की तलाश जारी रहेगी.