टीम इंडिया

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली विश्व क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ियों की सूचि में गिने जाते हैं। लेकिन पिछले काफी वक्त से विराट का बल्ला खामोश नजर आ रहा है। विदेशी सरजमीं पर ही नहीं बल्कि वह घर पर भी रन नहीं बना पा रहे हैं। अब इंग्लैंड के साथ खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में भी बल्ले से रन नहीं बना पा रहे हैं, जो यकीनन टीम इंडिया के लिए चिंता का विषय है।

विराट कोहली टेस्ट में लगातार हो रहे हैं फ्लॉप

विराट कोहली

विश्व क्रिकेट में रन मशीन के नाम से मशहूर के बल्ले से बड़ी पारी आए, मानो लंबा वक्त बीत चुका है। यदि आप विराट के टेस्ट आंकड़ों पर गौर करें, तो आखिरी बार उनके बल्ले से शतक बांग्लादेश के साथ खेले गए डे-नाइट टेस्ट मैच में ईडेन गार्डेन्स मैदान पर आया था।

इसके बाद से ही विराट का बल्ला खामोश नजर आ रहा है। पिछली सात पारियों में उन्होंने क्रमश: 2, 19, 3, 14, 74, 4 और 11 रन बनाए। इसमें एकमात्र अर्धशतक आया, जो कि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एडिलेट टेस्ट मैच की पहली पारी में लगाया था। अब इंग्लैंड के साथ चेन्नई में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में भी विराट सिर्फ 11 के स्कोर पर ही पवेलियन लौट गए।

31 पारियों में नहीं आई बड़ी पारी

पूरा क्रिकेट जगत विराट कोहली की निरंतरता के चर्चे करते हुए नहीं थकता है। लेकिन पिछले 2 सालों में तो कोहली की निरंतरता गायब सी हो गई है। इस बात में कोई संदेह नहीं है कि विराट तीनों फॉर्मेट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं, लेकिन फिलहाल जो आंकड़े दिख रहे हैं, वह उनकी काबिलियत पर सवाल खड़े करते हैं।

दरअसल, विराट ने पिछली 31 पारियों में एक भी शतक नहीं लगाया है। इसमें एकदिवसीय, टी20 आई की पारियां मिली हुई हैं। जबकि उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 7318, वनडे में 12040 व टी20आई क्रिकेट में 2928 रन दर्ज हैं।

विराट की कप्तानी में टीम इंडिया हार रही टेस्ट मैच

विराट कोहली

विराट कोहली ने 2014 में भारतीय टीम की टेस्ट फॉर्मेट में कप्तानी संभाली थी। तब से वह अपनी टीम को लगातार सफलताओं के साथ आगे लेकर बढ़ते दिखे हैं। मगर इस वक्त विराट कोहली की बल्लेबाजी ही नहीं बल्कि उनकी कप्तानी भी संदेह के घेरे में आ गई है।

दरअसल, विराट की कप्तानी में भारत ने लगातार तीन मैच गंवाए हैं। जी हां, न्यूजीलैंड दौरे पर 2 टेस्ट मैचों की सीरीज में भारत को किवी टीम ने क्लीन स्वीप कर दिया था और ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी पहले मैच में जब कप्तानी विराट कोहली के हाथ में थी, तो टीम को एडिलेड में एक शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था, जहां भारतीय टीम 36 रन के न्यूनतम स्कोर पर आउट हो गई थी। जबकि उसके बाद अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में टीम इंडिया के युवा खिलाड़ियों ने कमाल का प्रदर्शन किया और सीरीज को 2-1 से अपने नाम किया।