पिछले बल्लेबाजी कोच संजय बांगर को भारतीय टीम के खराब प्रदर्शन के कारण बाहर का रास्ता दिखाया गया, उनमे से एक कारण था नंबर 4 बल्लेबाज को खोजने में उनकी विफलता. लेकिन नवनियुक्त विक्रम राठौर ने नियुक्ति के बाद से अपने पहले साक्षात्कार में और नंबर 4 की समस्या का समाधान बताया, उनको इन दोनों खिलाड़ी में नंबर 4 का प्रबल दावेदार दिखता है.

विक्रम राठौर ने नंबर 4 की गुत्थी को सुलझाने का किया दावा

विक्रम राठौर

श्रेयश अय्यर और मनीष दोनों ने तीन मैचों की विंडीज़ एकदिवसीय श्रृंखला में खेला है. जबकि अय्यर को प्रतियोगिता के दौरान मौका दिया गया और मनीष बेंच पर बैठे रहे. अय्यर ने 65 और 71 रनों की पारी खेलकर भारत को मेजबान टीम के खिलाफ 2-0 से सीरीज जीतने में मदद की. इस बीच, मनीष टी20 श्रृंखला का हिस्सा थे, जहां उन्होंने तीन पारियों में 27 रन बनाए.

विंडीज़ श्रृंखला में अय्यर के प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद, शास्त्री और पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर दोनों ने भारत की नंबर 4 पसंद के रूप में रहने के लिए युवा खिलाड़ी का समर्थन किया पिछले कुछ सालों से भारतीय क्रिकेट में नंबर चार को लेकर स्थिरता नहीं बन पाई थी. नंबर 4 के लिए कोई प्रबल दावेदार नहीं मिल रहा था. इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि,

“वनडे क्रिकेट में मध्य क्रम अच्छा नहीं चल रहा है और हमें निश्चित रूप से इस गुत्थी को सुलझाना होगा. श्रेयस अय्यर ने पिछले कुछ मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया है और हमारे पास मनीष पांडे भी हैं. इन दो लोगों ने घरेलू क्रिकेट में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है और भारत ए के साथ ये ऐसे बल्लेबाज हैं जो काम करने में सक्षम हैं और मुझे इसके बारे में कोई संदेह नहीं है. यह शीर्ष स्तर पर सही होने की बात है. हमें उन्हें वापस लाने और सही तरीके से तैयार करने की जरूरत है ताकि वे अधिक समय तक वहां रह सकें.”

टेस्ट में सलामी बल्लेबाज की जगह पर व्यक्त की चिंता

इस टेस्ट मैच में टीम चयन को लेकर काफी सवाल उठाए गए, जैसे रोहित शर्मा को टीम में जगह न देना, केएल राहुल से ओपनिंग कराना, अश्विन को टीम में जगह ना देना, लेकिन इनमे से एक मुद्दा ऐसा है, जिसको लेकर आजकल कई ख़बरें आ रही हैं, वो है सलामी बल्लेबाज के लिए सही खिलाड़ी का चयन.

जब विक्रम से यह पूछा गया कि कुछ दिनों से टेस्ट टीम की ओपनिंग सही तरह से नहीं हो रही है और टीम को मजबूती नही दे रही है. इसपर विक्रम राठौर ने कहा, चिंता का दूसरा विषय टेस्ट की ओपनिंग साझेदारी है. हमारे पास अच्छे ऑपशन मौजूद हैं. हमें उनकी कंसिस्टेंसी पर ध्यान देने की जरूरत है.

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