निदहास ट्रॉफी के फाइनल से लेकर विश्व कप की टीम में चयन तक विजय शंकर को बहुत ही कम समय में अपने करियर में बहुत कुछ उतार चढ़ाव देखने को मिले. टीम इंडिया के लिए खेलने से लेकर अचानक से टीम से ड्रॉप हो जाने तक विजय शंकर ने बहुत कुछ देख लिया.

जब विजय शंकर ने देश के लिए खेलना शुरू किया, तब उनकी तुलना हार्दिक पंड्या से की जाने लगी थी. कई एक्सपर्ट्स ने तो यहां तक कह दिया था कि शंकर हार्दिक की जगह टीम में ले सकते है या उनके लिए एक बड़ा खतरा बन सकते हैं.

क्या पंड्या की वापसी से पड़ेगा फर्क

विश्व कप 2019 के दौरान विजय शंकर अंगूठे में लगी चोट के चलते क्रिकेट से दूर हो गये थे, लेकिन अब वह एक बार फिर से मैदान पर वापसी कर चुके है टीम इंडिया के लिए खेलने के लिए बेताब है. वहीं दूसरी ओर हार्दिक पंड्या भी अब अपनी चोट के साथ मैदान पर वापसी कर चुके है. विजय शंकर ने अपने एक बयान में कहा कि

”मुझ पर इसका फर्क पड़ने लगे तो मैं अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकूंगा. मेरा फोकस सिर्फ अपने मैचों और प्रदर्शन पर होना चाहिए. मैं अच्छा खेलूंगा तो लोग मेरे बारे में बात करेंगे. मैं भारतीय टीम में चुना जाऊंगा. मैं इस बारे में ही सोचता नहीं रहूंगा कि दूसरे खिलाड़ी क्या कर रहे हैं.”

विजय ने आगे कहा, “अगर यह मुझे प्रभावित करना शुरू कर देता है (कि हार्दिक नंबर 1 पसंद है) तो मैं अपने साथ होने वाले खेलों में हार जाऊंगा. यदि मैं उन खेलों पर ध्यान केंद्रित करता हूं जो मेरे पास हैं और मैच जीतने वाले प्रदर्शन हैं, तो मेरा नाम वहां होगा.”

ऐसा रहा है शंकर का करियर

29 वर्षीय विजय शंकर अभी तक टीम इंडिया के लिए 12 वनडे और 9 T20I खेल चुके है. इस दौरान वनडे में वह 223 रन और चार विकेट लेने में सफल हुए, जबकि T20I में उनके बल्ले से 101 रन निकले और पांच विकेट आये.

AKHIL GUPTA

क्रिकेट...क्रिकेट...क्रिकेट...इस नाम के अलावा मुझे और कुछ पता नहीं हैं. बस क्रिकेट...