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प्रसिद्ध भारतीय कप्तान अजित वाडेकर कल मुम्बई के जसलोक अस्पताल में लंबे समय की बीमारी के बाद हमलोगों के बीच से चले गए। भारत के लिए 37 टेस्ट मुकाबले खेलने वाले वाडेकर ने 1970 के दशक में वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ भारत को काफी मुकाबलों में जीत दिलाई।

भारत के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने ट्वीट कर दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा ” वाडेकर अपने भारतीय क्रिकेट में योगदान के लिए जाने जाएंगे।एक महान बल्लेबाज और गजब के कप्तान। इन्होंने अपनी कप्तानी में भारतीय टीम को क्रिकेट के इतिहास में बहुत यादगार जीत दिलवाई हैं। उनका जाना बहुत दुखद हैं।”

वहीं राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने ट्वीट कर कहा ” वाडेकर का यूँ चले जाना बहुत दुखद हैं। वाडेकर क्रिकेट इतिहास के बहुत बेहतरीन बाएं हाथ के बल्लेबाज थे। वह 1971 के दौरान भारत के बहुत ही बेहतरीन कप्तान भी थे जिन्होंने भारत को वेस्टइंडीज और इंग्लैंड में जीत दिलाई।”

वाडेकर का क्रिकेट कैरियर

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वाडेकर ने भारत के लिए कुल 37 टेस्ट मुकाबलो में 31.07 की औसत से 2113 रन बनाए हैं। वहीं दो एकदिवसीय मुकाबलो में 36.5 की औसत से 73 रन बनाए हैं।

दरअसल नवाब पटौदी की जगह इन्हें कप्तानी दी गई थी। उस दौरान इंग्लैंड और वेस्टइंडीज को उनके घर में हरा इन्होंने भारतीय क्रिकेट इतिहास में अपना एक अलग नाम बनाया था। उसके बाद भारत की मेजबानी में भी इंग्लैंड को हरा इन्होंने अपने नाम टेस्ट सीरीज की थी। क्रिकेट के मैदान से इनका रिश्ता टूटना भी इंग्लैंड के विरुद्ध ही शुरू हुआ। लगातार सीरीज जीत के बाद भारत की उम्मीदें और बढ़ी जो कि इंग्लैंड के विरुद्ध हार के बाद टूट गई।

लाइफ टाइम अवार्ड से भी हुए हैं सम्मानित

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2011 में बीसीसीआई ने इन्हें लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित भी किया।

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बेदी ने कहा कि यह बहुत दुखद हैं कि “वाडेकर चल बसे। एक मात्र कप्तान जिन्होंने लगातार भारत को 3 टेस्ट श्रृंखला में जीत दिलाई।”

 

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