Shikhar Dhawan of India and Harbhajan Singh before the 2nd T20I match between India and South Africa held at the Punjab Cricket Association IS Bindra Stadium in Mohali on the 18th September 2019 Photo by Deepak Malik / SPORTZPICS for BCCI

भारत में क्रिकेट को मंदिर और क्रिकेटर को देवता की तरह पुजा जाता है, लेकिन अगर वही खिलाड़ी किसी मैच में खराब प्रदर्शन करे तो भारतीय फैंस उन्हें जीतना इज्जत देते हैं, उससे ज्यादा बेईज्जती कर देते हैं. भारतीय फैंस की नफरत से सचिन जैसे दिग्गज भी नहीं बच सके हैं.

बीसीसीआई दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड है, वो अपने खिलाड़ियों पर भी दिल खोल के खर्च करती है, उन्हें सबसे ज्यादा सैलरी देती है, लेकिन जब ये खिलाड़ी देश के लिए अच्छा नहीं कर पाते हैं, तो जल्दी ही उन्हें भुला भी देती है.

विश्व के दूसरे देश तो अपने खिलाड़ियों को कम पैसे देते हैं, लेकिन उन्हें विदेशी लीग खेलने की अनुमति होती है, इसी वजह से आईपीएल में वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों की भरमार होती है, लेकिन बीसीसीआई ऐसा नहीं करती है, अगर आपकों विदेशी लीग खेलनी है, तो क्रिकेट से संन्यास लेना पड़ता है.

आज हम आपकों कुछ ऐसे ही खिलाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो बीसीसीआई के दबाव में अपने निर्धारित समय से पहले ही कर सकते हैं संन्यास का ऐलान.

3. हरभजन सिंह

भारतीय टीम के दिग्गज गेंदबाजों की लिस्ट में शुमार हो चुके हरभजन सिंह को महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में ही मौका मिलना बंद हो गया था. भारतीय टीम में उनकी जगह रविचन्द्रन अश्विन ने ली थी. ऐसे में हरभजन सिंह की टीम इंडिया में जगह नहीं बन पा रही थी, अब तो समय ये आ गया है, जब  भारतीय टीम के पास स्पिनर की भरमार है, ऐसे में भारत के इस खिलाड़ी की वापसी नामुमकिन ही है.

अब अगर हरभजन सिंह विदेशी लीग खेलना चाहते हैं, तो उन्हें समय से पहले ही संन्यास का ऐलान करना पड़ेगा.

2.मुरली विजय

India’s Murali Vijay walks back to the pavilion after being dismissed on the fourth day of the third cricket test match against England, in Mohali, India, Tuesday, Nov. 29, 2016. (AP Photo/Altaf Qadri)

भारतीय टीम से बाहर चल रहे सलामी बल्लेबाज मुरली विजय की भी वापसी लगभग नामुमकिन हो गयी है। आईपीएल में वह चेन्नई  सुपर किंग्स का हिस्सा हैं, लेकिन पिछले दो सालों में उन्हें गिने- चुने ही मौके मिले हैं. भारत के पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वह टेस्ट टीम का हिस्सा थे लेकिन अब उन्हें वहां से भी ड्रॉप कर दिया गया है.

हाल में ही वह इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलते नजर आये थे। वहां उनका प्रदर्शन कुछ अच्छा नहीं रहा था. आईपीएल में उनका रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है और दो शतक भी लगाये हैं. इसके साथ ही इस साल के तमिलनाडु प्रीमियर लीग में भी उन्होंने बेहतरीन खेल दिखाया था. ऐसे में वह बीसीसीआई की वजह से संन्यास की घोषणा करने के बाद विदेशी लीग का रुख कर सकते हैं.

1.मनोज तिवारी

भारतीय टीम के चयनकर्ता और मनोज तिवारी में हमेशा ठनी रहती है. इसके साथ ही आईपीएल नीलामी में नहीं बिकने कके बाद भी बंगाल के बल्लेबाज ने सवाल खड़े किये थे. हाल में ही हुई दिलीप ट्रॉफी में भी उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला था. आईपीएल में अंतिम बार उन्होंने 2018 में किंग्स इलेवन पंजाब के लिए खेला था.

विजय हजारे ट्रॉफी के लिए उनसे बंगाल की कप्तानी भी छीन ली गयी है। ऐसे में उम्मीद जताई जा सकती है कि वह भी क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर विदेशी लीग में अपनी किस्मत आजमा सकते हैं. तिवारी ने भारत के लिए अंतिम मुकाबले 2015 में जिम्बाब्वे के दौरे पर खेला था. उस दौरे पर प्रमुख खिलाड़ियों को आराम दिया गया था.