भारतीय टीम के युवा बल्लेबाज मनीष पाण्डेय मौजूदा समय में सबसे उभरते हुए भारतीय क्रिकेटर है। उनके द्वारा साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टी20 मैच के दौरान 79 रनों की पारी को देखकर कई क्रिकेट प्रशंसक खासा प्रभावित हुए।हालांकि इस मैच में टीम इण्डिया को साउथ अफ्रीका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा. बावजूद इसके मनीष पाण्डेय ने अपने जबरदस्त बल्लेबाजी के बदौलत खुद को टीम इण्डिया में बतौर स्थायी बल्लेबाजी के रूप में स्थापित कर लिया।
प्रेस कांफ्रेस के दौरान मनीष ने कहीं यह बड़ी बात
दूसरे टी20 मैच के बाद मनीष पाण्डेय ने प्रेस कांफ्रेस के दौरान कहा कि, “मेरा फोकस शुरूआत से ही अपने बल्लेबाजी पर था। इसके अलावा मै यह काम साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले गए वनडे मैच में भी दिखाना चाहता था,पर मैं उसमें सफल नहीं हो सका था। इसके अलावा जब सेंचुरियन में खेले गए दूसरे टी20 मैच के दौरान मैने एक शानदार पारी खेली,तब यह मेरे लिए काफी महत्वपूर्ण रहा। “
नंबर-5 पर खेलना नहीं आसान
अपनी बात को जारी रखते हुए मनीष पाण्डेय ने कहा कि,” मुझे इस मैच के दौरान नंबर 5 पर बल्लेबाजी करने का मौका मिला,हालांकि मुझे कई दफा नंबर 4 पर भी बल्लेबाजी का मौका मिल चुका है. हालांकि अगर आपको अर्न्तराष्ट्रीय क्रिकेट में खुद को टीम में बनाए रखना है तो इस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।”
देना पड़ता है शत-प्रतिशत
इसके अलावा भारतीय टीम के शीर्ष तीन बल्लेबाज ऐसे हैं,जो किसी भी वनडे मैच में टीम के 35 से 40 ओवर तक की बल्लेबाजी करने की क्षमता रखते हैं। इसके कारण मुझे टीम में बने रहने के लिए अतिरिक्त ताकत लगानी पड़ती है। क्योंकि जब आपके पास विश्वस्तरीय बल्लेबाज मौजूद हूं,तो उस दौरान आपको भी उनके लेवल पर जाने के लिए अपना बेस्ट देना पड़ता है।
माही के बांधे तारीफों के पूल
अपनी बात को जारी रखते हुए मनीष पाण्डेय ने कहा कि,
“अगर महेन्द्र सिंह धोेनी के अन्तिम ओवर के दौरान उनके प्रदर्शन की बात करे, तो उनका कोई और सानी नहीं है। जिस तरीके से आखिरी के दो ओवर में उन्होंने टीम इण्डिया के स्कोर को एक बड़े स्कोर की तरफ ले गए। वे बेहद ही काबिलेतारीफ है। “