temba bavuma on dressing rooms

साउथ अफ्रीका क्रिकेट टीम के कप्तान तेम्बा बावूमा (Temba Bavuma) ने भारत के खिलाफ 3-0 से वनडे सीरीज में जत जीत के बाद ड्रेसिंग रूम को लेकर बड़ी प्रतिक्रिया दी है. इस श्रृंखला में उनके नेतृत्व में टीम ने काफी शानदार प्रदर्शन किया. इसका नतीजा ये रहा कि अफ्रीकी टीम 3-0 से क्लीन स्वीप करने में कामयाब रही. लेकिन, अब इसी बीच तेम्बा बावूमा (Temba Bavuma) ने ड्रेसिंग रूम में आने वाली चुनौतियों पर बड़ा खुलासा किया है. इस बारे में उन्होंने क्या कुछ कहा है इसके बारे में आपको बता देते हैं.

ड्रेसिंग रूम के माहौल को सही रखना बड़ी चुनौती

temba bavuma on South Africa dressing rooms

अफ्रीकी कप्तान का कहना है कि शुरुआती दिनों में ड्रेसिंग रूम के माहौल को सही बनाए रखना ‘सबसे बड़ी चुनौती’ रही है. एक समय में अफ्रीकी क्रिकेट एक के बाद एक मैदान के बाहर कई बड़े विवादों से गुजर रहा है. प्रशासनिक संकट से जूझ रहे अफ्रीका के लिए भारत के खिलाफ ये सीरीज जीतनी काफी ज्यादा जरूरी थी. भारतीय टीम का दौरा शुरू होने से पहले ही टीम के मुख्य कोच मार्क बाउचर समेत कुछ बड़े नामों पर नस्लवाद जैसे गंभीर आरोप लगे हैं.

वनडे सीरीज में 3-0 से भारतीय टीम का सूपड़ा साफ करने के बाद तेम्बा बावूमा (Temba Bavuma) ने खुलासा किया कि कप्तान के तौर पर उनके लिए अभी भी शुरुआती दिन हैं. पिछले साल मार्च में उन्हें टीम की कमान सौंपी गई थी. इस बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा,

”मुझे नहीं लगता कि यह आसान है (टीम की कप्तानी करना). इसमें आपको कई चीजें बैन करने की जरूरत होती है. मेरे लिए क्रिकेट पर पूरा ध्यान रखना सबसे बड़ी बात रही.”

मेरे लिए मैदान पर पूरी ऊर्जा के साथ उतरना सबसे बड़ी चुनौती थी- कप्तान

temba bavuma

इस सिलसिले में आगे बात करते हुए तेम्बा बावूमा (Temba Bavuma) ने कहा,

”टीम और संगठन (बोर्ड) को लेकर बहुत सारी बातचीत हो रही थी. इसलिए ड्रेसिंग रूम के आसपास हो रही बातचीत का प्रबंधन करना और यह सुनिश्चित करना कि हम शत प्रतिशत ऊर्जा के साथ मैदान पर उतरे जरूरी था. मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती यही थी.”

बता दें भारतीय टीम के खिलाफ साउथ अफ्रीका ने पहले टेस्ट सीरीज में डीन एल्गर की कप्तानी में अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया था. इसके बाद वनडे सीरीज में तो भारत को मौका ही नहीं दिया. चेज करते हुए भी भारत को हार का सामना करना पड़ा और स्कोर खड़ा करने के बाद भी शिकस्त का ही सामना करना पड़ा.