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भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जाने वाली आगामी टेस्ट वनडे और टी-20 श्रृंखला के लिए भारतीय क्रिकेट टीम की चयन समिति ने पिछले दिनों टीम का ऐलान कर दिया। तीनों टीमों की कमान एक बार फिर विराट कोहली के कंधे पर है। टीम में उन सभी खिलाड़ियों को मौका मिला है जो लगातार शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। लेकिन इस टीम में कोई ऐसा खिलाड़ी नजर नहीं आ रहा है जो टीम के लिए जरूरत पड़ने पर फिनिशर की भूमिका निभा सके। किसी टीम को अगर लगातार मैच में जीत हासिल करनी हो तो ऐसे खिलाड़ियों की भूमिका टीम के लिए काफी अहम होती है।

टीम इंडिया में फिनिशर की कमी

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जब तक महेंद्र सिंह धोनी भारतीय क्रिकेट टीम के हिस्सा थे तब तक टीम इंडिया जब भी मुश्किल में पड़ती थी तो क्रिकेट प्रशंसकों को एक उम्मीद होती थी कि धोनी टीम के लिए संकटमोचक की भूमिका निभाएंगे और टीम को बेहतरीन फानिशर की भूमिका निभाएंगे। और महेंद्र सिंह धोनी हमेशा भारतीय क्रिकेट टीम के प्रशंसकों के भरोसे पर खरे उतरे और जब-जब टीम इंडिया मुश्किल में पड़ी ज्यादातर बार वह शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम को जीत दिलाए।

लेकिन अब महेंद्र सिंह धोनी के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद यह स्थान अभी भी खाली पड़ा है। टीम इंडिया में कोई ऐसा क्रिकेटर नजर नहीं आ रहा है जो भारतीय टीम के लिए वैसा प्रदर्शन कर सके जैसा प्रदर्शन महेंद्र सिंह धोनी टीम के लिए किया करते थे। अब एक सवाल है की कौन क्रिकेटर टीम इंडिया का अगला फिनिशर बनेगा।

कौन क्रिकेटर बनेगा टीम का अगला फिनिशर

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धोनी के अलावा पिछले कुछ सालों में भारतीय क्रिकेट टीम के लिए फिनिशर की भूमिका निभाने वाले खिलाड़ियों के बारे में बात करें तो टीम के लिए निचले मध्यक्रम में खेलते हुए हार्दिक पांड्या कई बार ऐसा करते नजर आए, लेकिन उनके इस प्रदर्शन में निरंतरता नहीं है। वही जब कुछ साल पहले दिनेश कार्तिक ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर टीम इंडिया को निदहास ट्रॉफी जिताया था उस दौरान ऐसा लगा कि अगर दिनेश कार्तिक को यह जिम्मेदारी सौंपी जाए तो वह इसे निभा सकते हैं।

लेकिन दिनेश कार्तिक से कभी दोबारा वैसा प्रदर्शन देखने को नहीं मिला। टीम के ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा भी पिछले कुछ साल से शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं, लेकिन वह टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाने में अक्सर असफल हो जाते हैं। टीम में पिछले कुछ समय केदार जाधव को मौका दिया गया लेकिन उनसे भी इतना अच्छा प्रदर्शन देखने को नहीं मिला।

टीम इंडिया की बढ़ सकती है चिंता

भारतीय क्रिकेट टीम में अक्सर देखने को मिलता है की टीम के टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज हमेशा बेहतरीन प्रदर्शन करते है। वहीं श्रेयस अय्यर और मनीष पांडे के आने के बाद टीम की यह समस्या भी लगभग खत्म हो चुकी है, लेकिन टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी परेशानी तब बनेगी जब टीम के टॉप 4-5 बल्लेबाज जल्दी आउट हो जाएंगे। टीम के पास अगर कोई बेहतर फिनिशर होगा तो वह विरोधी टीम को एक अच्छा टारगेट देने में या टारगेट का पीछा करते समय टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।