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Team India ने पिछला आईसीसी खिताब 2013 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में खेला था। इसके बाद से भारत ने कई फाइनल, सेमीफाइनल खेले, मगर ट्रॉफी जीतने में कामयाब नहीं हो सका। माना जाता है कि कप्तान बनने के बाद खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर कप्तानी का दबाव देखने को मिलता है। तो आइए इस आर्टिकल में आपको भारत के 4 सूरमा कप्तानों के बारे में और ये बताते हैं कि उनकी कप्तानी में आईसीसी टूर्नामेंट्स में किस खिलाड़ी ने सर्वाधिक रन बनाए।

अजहरुद्दीन की कप्तानी में रहा सचिन का दबदबा

Team India

पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 90 के दशक में टीम इंडिया (Team India) की कमान संभाली। इस दौरान उन्होंने 3 आईसीसी टूर्नामेंट में भारत का नेतृत्व (1992, 1996, 1999) किया। तब सचिन तेंदुलकर का प्रदर्शन लाजवाब रहा। यदि आप अजहरुद्दीन की कप्तानी में आईसीसी इवेंट्स में खिलाड़ी के प्रदर्शन पर गौर करें, तो सचिन ने सर्वाधिक रन बनाए (1604) , सबसे अधिक मैन ऑफ द मैच खिताब जीता (6), सबसे अधिक शतक लगाए (4), बेहतरीन औसत (60.40) रहा।

वहीं यदि सौरव गांगुली की कप्तानी पर गौर करें, तो दिग्गज ने (2000, 2002, 2003) में आईसीसी इवेंट्स में भारत का नेतृत्व किया। इस दौरान गांगुली का ही प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा है। उन्होंने 69.73 के औसत से 6 शतकों के साथ 1046 रन बनाए और 4 बार मैन ऑफ द मैच का खिताब जीता।

धोनी की कप्तानी में कोहली का प्रदर्शन अव्वल

रन मशीन के नाम से विश्व क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने वाले विराट कोहली ने महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व वाली Team India के लिए बतौर खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन किया। उनके साथ शिखर धवन व युवराज सिंह का भी प्रदर्शन आईसीसी इवेंट्स में अच्छा रहा। बात करें, आंकड़ों की तो विराट ने 60.55 के औसत से सर्वाधिक रन (1635) बनाए। इसके अलावा विराट कोहली और युवराज सिंह दोनों को 7-7 बार मैन ऑफ द मैच चुना गया। वहीं शिखर धवन ने सर्वाधिक (4) शतक लगाए।

विराट की कप्तानी में हिटमैन का जलवा

Team India

विराट कोहली की कप्तानी में खेले गए आईसीसी इवेंट्स में यदि किसी खिलाड़ी ने कंसिस्टेंटली बेहतरीन प्रदर्शन किया है, तो वह हैं रोहित शर्मा। हिटमैन ने इस दौरान 73.73 के औसत से 10 शतकों के साथ 1917 रन बनाए। इस दौरान उन्हें 7 बार मैन ऑफ द मैच के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

यदि विराट का प्रदर्शन धोनी की कप्तानी में देखें, तो वह काफी अच्छा रहा है, मगर अपनी कप्तानी में उनका आईसीसी इवेंट्स में जलवा देखने को नहीं मिला है। तो ऐसे में कहना गलत नहीं होगा कहीं ना कहीं विराट की कप्तानी का दबाव उनकी बल्लेबाजी पर पड़ रहा है।