5 players of Team India who should now announce their retirement
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साल 2019 में हुए आखिरी वनडे विश्वकप के बाद से ही भारतीय टीम (Team India) में लगातार कई बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं. साल 2020 में कोरोना महामारी की वजह से ज्यादा क्रिकेट नहीं खेला जा सका. लेकिन, इसके बाद 2021 में लगातार एक के बाद एक कई बड़े टूर्नामेंट और सीरीज खेले गए. लेकिन, इस दौरान टीम इंडिया में जो बदलाव दिखे वो कईयों के लिए हैरान करने वाले थे तो कईयों के लिए बड़ा मौका था.

कई बार टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के बजाय युवाओं को आजमाया गया और उन्होंने अपने प्रदर्शन से काफी ज्यादा चर्चाएं बटोरीं. हालांकि कुछ युवा उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके. लेकिन, जिन युवा खिलाड़ियों ने टीम में अपनी जगह बनाई उनके चलते कुछ दिग्गजों का पत्ता इस कदर कटा कि उन्हें वापसी का मौका ही नहीं मिला.

इतना ही नहीं पिछले कुछ सालों से ये अनुभवी भारतीय खिलाड़ी टीम से बाहर ही रहे रहे हैं. या यूं कहें कि टीम प्रबंधन इन्हें लगातार नजरअंदाज कर रहा है. आज हम आपको अपनी इस खास रिपोर्ट में ऐसे भारतीय टीम (Team India) के उन 5 खिलाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनकी वापसी की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी है और उन्हें सारी संभावनाएं छोड़कर खुद इस साल (2022) संन्यास का ऐलान कर देना चाहिए.

मुरली विजय

Murali Vijay

सबसे पहले बात करते हैं भारतीय टीम (Team India) के अनुभवी बल्लेबाज मुरली विजय (Murali Vijay) की, जो टेस्ट टीम में लगातार शानदार प्रदर्शन के बावजूद भी इस तरह बाहर कर दिए गए अब उनकी वापसी की सारी उम्मीदें खत्म होती नजर आ रही हैं. घरेलू क्रिकेट में भी अब वो ज्यादा एक्टिव नहीं हैं. आईपीएल टूर्नामेंट से भी उनका करियर लगभग खत्म हो चुका है. राष्ट्रीय टीम की ओर से आखिरी बार मुरली विजय को साल 2018 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खेलने का मौका मिला था.

इसके बाद कई युवा सलामी बल्लेबाजों की टीम में एंट्री के बाद उनका पत्ता पूरी तरह से कट गया. अब आलम ये है कि उनकी वापसी नामुमकिन है. मुरली विजय ने टीम इंडिया के लिए कुल 61 टेस्ट मैच में 38.29 के औसत से 3982 रन बनाए हैं. इस पारी में उनके बल्ले से 12 शतक और 15 अर्द्धशतक निकले हैं. वहीं एकदिवसीय प्रारूप में 17 मुकाबले खेले हैं जिसमें 21.19 की बेहद खराब औसत से सिर्फ 339 रन बनाए हैं. इसके बाद न उन्हें टेस्ट फॉर्मेट में खेलने का मौका मिला न सीमित प्रारूप के मैचो में.

आखिरी बार 2018 में ऑस्ट्रेलिया टीम के खिलाफ मिले टेस्ट मैच में मुरली का प्रदर्शन बेहद खराब रहा था. इतना ही नहीं टीम में जब पृथ्वी शॉ, मयंक अग्रवाल और केएल राहुल जैसे खिलाड़ियों की एंट्री हुई और इन्होंने शानदार प्रदर्शन किया इसके बाद तो विजय के वापसी की बची खुची उम्मीदें भी खत्म हो गई. जिस तरह की संभावनाएं दिख रहे हैं उसे देखते हुए ये कह सकते हैं कि अब मुरली विजय को संन्यास की घोषणा कर देनी चाहिए.

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