Oval-team india

कहते हैं वक्त खुद को दोहराता है। अब भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट सीरीज को ही ले लीजिए। साल 2014 तो याद ही होगा आपको… जी हां, जब महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली Team India ने पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में दूसरा मुकाबला जीतकर कमाल का खेल दिखाया था, लेकिन अंत में टीम को हार का सामना करना पड़ा। वैसे ही मौजूदा सीरीज को देख लीजिए विराट एंड कंपनी ने सीरीज की जोरदार शुरुआत की, लेकिन अब टीम पूरी तरह से संघर्ष करती नजर आ रही है।

2014 सीरीज जैसा रहा है अब तक का सफर

England captain Alastair Cook and Mahendra Singh Dhoni of India walk out for the toss1

साल 2014 में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिला था। जी हां, साल 2014 में जब एमएस धोनी की कप्तानी में Team India , इंग्लैंड के दौरे पर गई थी, तब भी नॉटिंघम में पहला टेस्ट खेला गया था और वो बिना किसी नतीजे के समाप्त हुआ था। दूसरा मुकाबला लॉर्ड्स के मैदान पर खेला गया था और उस मैच को धोनी एंड कंपनी ने 95 रन से जीता था।

इस बार भी सीरीज का पहला मुकाबला नॉटिंघम के मैदान पर खेला गया और मैच ड्रॉ रहा, जबकि दूसरा टेस्ट भारतीय टीम ने लॉर्ड्स में 151 रनों के बड़े अंतर से जीतकर अपने नाम किया। 2014 में पहले दो मैचों के बाद 1-0 की बढ़त बनाने के बाद भी टीम इंडिया 3-1 के हार गई थी और आज भारत की पहली पारी के प्रदर्शन के बाद कुछ वैसे ही संकेत मिल रहे हैं, मानो Team India 2014 वाली पटरी पर चल रही है।

तीसरे मैच से पटरी से उतरी थी Team India की गाड़ी

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साल 2014 के इंग्लैंड दौरे पर Team India ने अपना तीसरा मुकाबला साउथैम्पटन के मैदान पर खेला था। भारत सीरीज में 1-0 से आगे था और टीम से रोज बाउल में भी दमदार प्रदर्शन की आस लगाई जा रही थी, लेकिन ऐसा देखने को नहीं मिला। मेजबान टीम ने जोरदार वापसी की और भारत मुकाबला 266 रनों से हार गया। साउथैम्पटन में मिली एकतरफा हार के बाद सीरीज 1-1 की बराबरी पर आ खड़ी हुई।

इसके बाद एलिस्टर कुक की कप्तानी वाली इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने भारतीय टीम को वापसी को मौका नहीं दिया और चौथा टेस्ट मैनसेस्टर के मैदान पर एक पारी और 54 रन से जीता, जबकि सीरीज का अंतिम मैच किंग्सटन ओवल के मैदान पर एक पारी और 244 के बड़े अंतर से जीता और भारत को 3-1 से मिली शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था।

बल्लेबाजों ने नहीं किया सुधार, तो भुगतना पड़ेगा बुरा अंजाम

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2014 में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (349) और सलामी बल्लेबाज मुरली विजय (402) को छोड़ दिया जाए, तो विराट कोहली समेत हर एक खिलाड़ी रनों के लिए संघर्ष करता नजर आया था। मौजूदा सीरीज में भी सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा और केएल राहुल को छोड़कर अभी तक हर एक बल्लेबाज इंग्लैंड की परिस्थितियों में पूरी तरह से फ्लॉप नजर आए हैं।

लीड्स टेस्ट की पहली पारी को ही देख लीजिए, एक भी खिलाड़ी बड़ा स्कोर बनाना तो दूर विकेट पर समय बिताने का साहस तक नहीं दिखा सका। अब Team India को अगर 2014 की कहानी को दोहराने से बचना है, तो टीम के हर एक बल्लेबाज को समय रहते अपने अनुभव का जौहर दिखाना होगा। खासतौर पर विराट कोहली, चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे के लिए अब रन बनाना बहुत जरूरी हो गया है।