T-20 no 1 bowler Rashid khan once struggled to find IPL team
Credits: Hindustan times

क्रिकेट जगत में टी-20 के बेताज बादशाह बन चुके 19 वर्षीय अफगान खिलाड़ी राशिद खान इन दिनों जबरदस्त लोकप्रियता हासिल कर चुके हैं. कल 14 जून को भारत के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू करने जा रहे युवा खिलाड़ी राशिद की जिंदगी में एक समय ऐसा भी था जब उनको कोई भी नहीं जानता था और आईपीएल में कोई खरीदार नहीं मिल रहा था. जी हां इस बात को सुनकर आपको जोर का झटका लगा होगा लेकिन यह सच है. 

आज राशिद की लोकप्रियता न केवल भारत में है बल्कि दुनिया भर में इस युवा खिलाड़ी की फिरकी गेंदबाजी की चर्चा हो रही है. आइये आपको बताते हैं कैसे हुई राशिद की आईपीएल में एंट्री और बन गये स्टार.

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ESPN

19 साल के युवा खिलाड़ी जो आज क्रिकेट की दुनिया का एक बड़ा नाम बन चुका है. जी हां यह कोई और नहीं राशिद खान हैं जिनकी फिरकी गेंदबाजी ने उनको आज विश्व प्रख्यात बना दिया है. टी-20 फ़ॉर्मेट में राशिद खान आज सबसे बड़ा नाम बन चुके हैं. लेकिन आपको यह जानकार हैरानी होगी की दो साल पहले आईपीएल में जगह मिलने से पहले उनको कोई भी नहीं जानता था. वहीं बहुत मुश्किल से राशिद को आईपीएल में एंट्री मिली थी. इस बात की जानकरी अफगानिस्तान के पूर्व खिलाड़ी और कोच लालचंद राजपूत ने इंडिया टुडे से बातचीत में दी.

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Sportskeeda

लालचंद राजपूत बताते हैं कि, साल 2016 में जब राशिद खान को हैदराबाद की टीम ने चुना तो उनको बेहद ख़ुशी हुई थी. लालचंद ने कहा कि, एक समय मैंने इस खिलाड़ी में वो खूबी देखी थी जो अफगानिस्तान को गजब पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण थी. फिर राशिद को ट्रेनिंग दी और उनको आईपीएल में गौतम गंभीर से अपनी टीम में शामिल करने को बोला. लेकिन उस समय गंभीर जो की कोलकाता नाईटराइडर्स में थे, उन्होंने बोला उनके पास अच्छे खिलाड़ी हैं.

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The Week

लाचंलद आगे कहते हैं कि, अंडर-19 में राशिद की गेंदबाजी देख वह काफी खुश हुए थे. जिसके बाद उन्होंने वीरेंद्र सहवाग से भी राशिद को उनकी टीम पंजाब में शामिल करने को बोला. लेकिन उन्होंने भी अक्षर पटेल की मौजूदगी को बताते हुआ राशिद को शामिल करने से मना कर दिया. लालचंद बताते हैं कि, राशिद को लेने से सहवाग ने भी मना कर दिया और बोला हमे स्पिनर्स की जरुरत नहीं है. 

इसके बाद लालचंद राशिद के लिए हैदराबाद के मेंटर वीवीएस लक्ष्मण के पास गए और उनसे पहले ही बोल दिया ” भले ही आप इसको टीम में शामिल न करें लेकिन एक बार इस खिलाड़ी पर ध्यान दो. इसके बाद लक्षमण ने कुछ दिनों तक राशिद को कई मैचों में ध्यान दिया और गौर फरमाते गए. बस फिर क्या था यहीं से राशिद खान की जिंदगी में एक नया मोड़ आया और उनको साल 2016 में हैदराबाद में शामिल किया गया. फिर कारवां चलता गया और 2018 में तो  कहर ही ढा दिया.