सुरेश रैना और एमएसके प्रसाद के बीच चल रहे शब्दों के बाणों ने क्रिकेट जगत को चर्चा करना का एक नया मुद्दा दे दिया है. हाल में टीम इंडिया के स्टाइलिश बल्लेबाज सुरेश रैना ने अपने एक बयान में यह कहा था कि टीम के पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने उन्हें टीम से ड्रॉप करने से पहले उनसे कोई बात नहीं की और ना ही उन्हें वापसी का कोई प्रस्ताव दिया था.

एमएसके प्रसाद ने कहा था, कि “वीवीएस लक्ष्मण को देखें, जब 1999 में भारतीय टेस्ट टीम से बाहर कर दिया था तो उन्होंने घरेलू क्रिकेट में 1400 से ज्यादा रन बनाकर खुद को वापसी के लिए मजबूर किया था. सीनियर खिलाड़ियों से यही उम्मीद की जाती है जब उन्हें बाहर कर दिया जाता है.”

रैना ने किया खंडन

सुरेश रैना ने इरफान पठान के साथ किये लाइव इंस्टाग्राम सेशन के दौरान एमएसके प्रसाद को लेकर कहा, “मैंने अंडर-परफॉर्म किया और ये भी कहा कि उन्होंने मुझसे मेरी मजबूती के बारे में बात की. लेकिन उन्होंने मुझसे वापसी की बात नहीं की.जब मेरा समय आएगा मैं खेलूंगा.”

सुरेश रैना ने कहा, “मुझे जैसे गुणवत्ता वाले खिलाड़ी युसुफ और उथप्पा जो ऐसे खिलाड़ियों को विदेशी लीग में खेलने के लिए बीसीसीआई से मौका मिलना चाहिए, जहां वो अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं और भारत में वापसी कर सकते हैं. सभी विदेशी खिलाड़ियों को सभी टी20 लीग खेलने और अपनी-अपनी राष्ट्रीय टीमों में शामिल होने के कई मौके मिलते हैं. इस तरह की मानसिकता भारतीय क्रिकेट में आनी चाहिए.”

दो साल से बाहर चल रहे है रैना

लचर फॉर्म और खराब फिटनेस से परेशान सुरेश रैना को आईपीएल 2020 से टीम इंडिया में वापसी करने का भरोसा था, लेकिन कोरोना वायरस की जानलेवा महामारी के चलते टूर्नामेंट को सस्पेंड करना पड़ा. रैना ने देश के लिए अपना आखिरी मैच साल 2018 में खेला था.

33 वर्षीय सुरेश रैना 18 टेस्ट मैचों में 768 रन, 226 वनडे मुकाबलों में 5615 रन और टी20I फॉर्मेट में भारत के लिए 78 मैचों में 1605 रन बना चुके हैं. टीम इंडिया को साल 2011 का एकदिवसीय विश्व कप जीताने में सुरेश रैना का एक बड़ा हाथ रहा था.

AKHIL GUPTA

क्रिकेट...क्रिकेट...क्रिकेट...इस नाम के अलावा मुझे और कुछ पता नहीं हैं. बस क्रिकेट...