Suresh Raina

मेगा ऑक्शन में सुरेश रेना (Suresh Raina) को किसी टीम ने नहीं खरीदा था. जिसके बाद से सोशल मीडिया पर फैंस उनके लिए भावुक दिखे. अनसोल्ड होने के चलते सुरेश रैना आईपीएल के 15वें सीजन में खेलते हुए नजर नहीं आएंगे. जिसके बाद सुरेश रैना एक वीडियो के माध्यम BCCI से विदेशी लीगों में खेलने का मौका देने की अपील की थी. क्या उस अपील के बाद उन्हें विदेशों में BBL और CPL खेलने का मौका मिल सकता हैं?

सुरेश रेना का करियर खराब स्थिति में है

Suresh Raina

सुरेश रैना (Suresh Raina) अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को पहले ही अलविदा कह चुके हैं. क्योंकि टीम में वो अपने आप को फिट नहीं कर पा रहे थे. जिसके चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. लेकिन उसके बाद लगातार आईपीएल खेलते रहे. वहीं आईपीएल 2020 में निजी कारणों से नहीं खेले थे, लेकिन आईपीएल 2021 में उनकी वापसी हो गई. हालांकि, वे लगातार नहीं खेल पाए और आखिरी के कुछ मैचों में मिस्टर आईपीएल को बाहर बैठना पड़ा था. अब वे घरेलू क्रिकेट भी नहीं खेल रहे हैं और इस साल उन्हें किसी फ्रेचाइंजी ने भी नहीं खरीदा.आईपीएल 2022 वे अनसोल्ड रहे.

चेन्नई सुपर किंग्स के लिए सुरेश रेना (Suresh Raina) ने काफी लंबे समय तक क्रिकेट खेला है. लेकिन उस टीम ने भी उन्हें खरीदने में कोई रुचि नहीं दिखाई. इस खिलाड़ी अपनी दमदार बल्लेबाजी से चेन्नई सुपर किंग्स को कई आईपीएल खिताब जितवाए हैं. इस खिलाड़ी ने 205 मैचों में 5528 रन बनाए हैं. वह इस लीग में सर्वाधिक रन बनाने के मामले में चौथे स्थान पर हैं. इसमें भी रैना ने चेन्नई की तरफ से 11 साल तक खेलते हुए 4687 रन बनाए.

मुझे उम्मीद है कि BCCI, ICC या फ्रेंचाइजी का मिल सकता है साथ

suresh raina

सुरेश रेना (Suresh Raina) क्रिकेट खेलने के लिए काफी उत्साहित रहते हैं. आईपीएल 2022 वे अनसोल्ड रहने के बाद इन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर BCCI से खास अपील की है. जिसमें इन्होंने कहा कि हमें बाहर खेलने की अनुमति दी जाए. जैसा कि और देशो के खिलाड़ी BBL,BPL और CPL लीगों में खेलते हैंहो.

मगर  बीसीसीआई की गाइडलाइन्स के अनुसार, एक्टिव मेल क्रिकेटर किसी भी विदेशी टी20 या टी10 लीग में नहीं खेल सकता. भले ही उस क्रिकेटर के पास नेशनल कॉन्ट्रैक्ट हो या फिर वह नेशनल टीम में सिलेक्शन से भी कोसों दूर हो. हालांकि, बीसीसीआई उन क्रिकेटरों को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट यानी एनओसी दे देती है, जो रिटायरमेंट ले चुके हैं और बीसीसीआई से संबंधित किसी भी टूर्नामेंट में आगे खेलने की मंशा नहीं रखते हों.

“मुझे उम्मीद है कि बीसीसीआई आईसीसी या फ्रेंचाइजी के साथ मिल सकता है और उन खिलाड़ियों को विदेशी लीग में खेलने की अनुमति दे सकता है, जिनके पास बीसीसीआई अनुबंध नहीं है।”