Jasprit Bumrah Hugged Suranga Lakmal

पूर्व श्रीलंकाई क्रिकेटर सुरंगा लकमल (Suranga Lakmal) को उनके आखिरी इंटरनेशनल मैच में जसप्रीत बुमराह ने जादू की झप्पी दी है। इंडियन टेस्ट टीम के उपकप्तान जसप्रीत बुमराह ने भारत और श्रीलंका के बीच खेले गए बैंगलोर टेस्ट मैच में खेल भावना की एक बेहतरीन मिसाल पेश की है।

श्रीलंका के खिलाफ भारत ने 2 मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 से शानदार जीत हासिल कर ली है। इसमें टीम इंडिया का प्रदर्शन सराहनीय है। लेकिन इसके साथ ही मैच के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने सुरंगा लकमल (Suranga Lakmal) जो कि अपने इंटरनेशनल करियर का आखिरी मैच खेल रहे थे उनको बेहद प्यारे तरीके से विदा किया है। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर सभी का दिल जीत रहा है।

Suranga Lakmal को भारतीय दिग्गजों ने दी विदाई

Rohit Suranga

भारतीय टीम ने श्रीलंका को बैंगलोर टेस्ट में 238 रनों से मात दी है। ये टेस्ट मैच श्रीलंका के तेज गेंदबाज सुरंगा लकमल का आखिरी इंटरनेशनल मैच था। उन्होंने सीरीज की शुरुआत से पहले ही अपने सन्यास लेने की सूचना जारी कर दी थी। पिंक बॉल टेस्ट मैच में श्रीलंका की दूसरी पारी में लकमल (Suranga Lakmal) ने आखिरी बार इंटरनेशनल मैच में कदम रखा था।

उनकी विकेट लेने के बाद जसप्रीत बुमराह दौड़ कर लकमल के पास गए उन्हें गले लगाया और हाथ भी मिलाया। इसके बाद टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा और पूर्व कप्तान विराट कोहली ने भी सुरंगा को मैदान से बाहर जाते हुए बधाई दी।

Suranga Lakmal का इंटरनेशनल करियर

Suranga Lakmal

34 वर्षीय सुरंगा लकमल (Suranga Lakmal) ने साल 2009 में भारत के खिलाफ ही अपने इंटरनेशनल करियर की शुरुआत की थी। सुरंगा ने अपने इंटरनेशनल करियर में 70 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 168 विकेट अपने नाम किए हैं। इसके अलावा दायें हाथ के तेज गेंदबाज लकमल ने 86 वनडे मुकाबलों में श्रीलंका का प्रतिनिधित्व किया है। वनडे में उनके नाम 109 विकेट है, वो भी 5 रन प्रति ओवर के शानदार इकॉनोमी रेट के साथ।

IND vs SL सीरीज शुरू होने से पहले ही कर दी थी सन्यास की घोषणा

Suranga Lakmal

सुरंगा लकमल (Suranga Lakmal) ने अपने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने की सूचना श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड को भारत के खिलाफ सीरीज शुरू होने से पहले ही दे दी थी। अपने त्याग पत्र में सुरंगा ने लिखा कि,

“मुझे यह आश्चर्यजनक अवसर देने और अपनी मातृभूमि के सम्मान को वापस लाने के लिए मुझ पर विश्वास करने के लिए मैं श्रीलंका क्रिकेट का ऋणी हूं क्योंकि बोर्ड से जुड़ना एक परम खुशी की बात है जिसने मेरे पेशेवर जीवन को आकार दिया और मेरे व्यक्तिगत विकास को भी समृद्ध किया। “मेरे पास अपने सभी खिलाड़ियों, कोचों, टीम प्रबंधकों, सहयोगी स्टाफ, प्रशासनिक कर्मचारियों और अन्य सभी सहायक कर्मचारियों के लिए अत्यंत सम्मान के अलावा कुछ नहीं है,”