भारतीय टीम- दक्षिण अफ्रीका के साथ शानिवार को यानि 24 अप्रैल को टी-20 सीरीज और दौरे का आखिरी मुकाबला खेलगी। दूसरे मुकाबले में द.अफ्रीका ने 6 विकेट से जीत हासिल की थी। वहीं पहले मुकाबले में भारत ने 28 रनों सी जीत दर्ज की थी।

अब दोनों ही टीमों की निगाहे सीरीज पर कब्जा करने पर टिकी हैं। दूसरे मैच में द अफ्रीका की जीत को स्पिनर यजुवेंद्र चहल ने और आसान बना दी। अब सबकी निगाहें आखिरी मुकाबले में चहल के प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं। लेकिन इसी बीच टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी सुनील गावस्कर ने चहल के प्रदर्शन पर सवालिया निशान लगा दिया है। उनका मानना है  कि चहल को टीम इंडिया से बाहर कर देना चाहिए।

चहल को टीम से करना चाहिए बाहर

दिग्गज पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने यजुवेंद्र चहल के प्रदर्शन को लेकर बड़ी टिप्पणी की है। उनका मानना है कि चहलो टीम से बाहर कर देना चाहिए। इसके पीछे का तर्क देते हुए गावस्कर ने कहा कि ये दूसरा मौका है जब चहल की जमकर पिटाई हुई है।

दोनों टी-20 मुकाबलों में जमकर पिटे चहल

बता दें कि पहले टी-20 मुकाबले में भी चहल काफी महंगे साबित हुए थे। इस मैच में चहल ने 4 ओवर में 39 रन दिए थे। हालांकि एक सफलता भी हाथ लगी थी। वहीं दूसरे मुकाबले में वो जमकर पिटे। इतना पिटे की वो भारत के टी-20 फार्मेट में सबसे ज्यादा रन देने वाले गेंदबाज बन गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड जोगिंदर शर्मा के नाम था। दूसरे टी-20 मैच में चहल ने 4 ओवर में 64 रन दिया और कोई विकेट हासिल नहीं किया।

अक्षर पटेल को दी जाए जगह

लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर का मानना है कि टी-20 में चहल का जादू बरकरार नहीं है। इसलिए उनकी जगह अक्षर पटेल को मौका दिया जाना चाहिए। सुनील गावस्कर ने कहा कि, ”ये दूसरा मौका है जब चहल की जमकर पिटाई हुई हैं,ऐसे में अक्षर पटेल को जगह देना हैरानीभरा नहीं होगा।”

किंग्स इलेवन पंजाब की तरफ से खेलने वाले अक्षर पटेल के पास टी-20 क्रिकेट का लंबा अनुभव हैं। अक्षर पटेल की प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकती हैं कि किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से रिटेन किए जाने वाले वो एकमात्र खिलाड़ी  हैं।

अंपायर्स के मुरीद हुए लिटिल मास्टर

सुनील गावस्कर ने अंपायर्स की जमकर तारीफ की। बता दें कि सेंचुरियन में खेले गए दूसरे मुकाबले के दौरान बारिश हो रही थी लेकिन अंपायर्स ने खेल को जारी रखा ।

उन्होंने कहा,”अंपायर्स की तारीफ करनी होगी, जिन्होंने प्रोटियाज पारी के दौरान बारिश होने के बावजूद मैच जारी रखा। मैदान दर्शकों से खचाखच भरा था और वह सभी संतुष्ट होकर घर गए। कोहली ने गेंदबाजी में परिवर्तन जरूर किए, लेकिन खेल जारी रखने के लिए उन्हें भी श्रेय देना चाहिए।’