सुनील गावस्कर

भारतीय क्रिकेट के इतिहास में अब तक कई ग्रेट क्रिकेटर आये हैं. अलग-अलग समय में अलग-अलग खिलाड़ियों ने क्रिकेट के मैदान पर अपने प्रदर्शन का जादू बिखेरकर क्रिकेट फैंस के दिलों में अपनी जगह बनाई है. हालांकि भारत का सबसे ग्रेटेस्ट क्रिकेटर कौन है ये बड़ी चर्चा का विषय है. लेकिन टीम इंडिया के पूर्व ओपनर बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने भारत के ऑल-टाइम नंबर वन क्रिकेटर का चयन किया. उन्होंने क्यों चुना इसका कारण भी स्पष्ट किया है.

कपिल देव को बताया ऑल टाईम ग्रेट भारतीय क्रिकेटर

sunil gavaskar 23 06 2019

दरसल सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी व विराट कोहली ऐसे क्रिकेटर्स हैं जिन्होंने अपने खेल के दम पर पूरी दुनिया में ख्याति अर्जित की है, लेकिन सुनील गावस्कर की नजर में भारत के ऑल-टाइम नंबर वन क्रिकेटर 1983 वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाले पूर्व कप्तान कपिल देव हैं. गावस्कर ने इण्डिया टुडे से बातचीत करने के दौरान कपिल को ऑल टाईम ग्रेट भारतीय क्रिकेटर बताते हुए कहा कि,

‘कपिल देव मेरे लिए भारत के नंबर वन क्रिकेटर हैं. वो हर मामले में मेरे लिए नंबर वन रहेंगे, मेरे लिए हमेशा कपिल देव ही भारत के लिए ऑल-टाइन नंबर वन खिलाड़ी रहेंगे.’

कपिल देव थे सम्पूर्ण क्रिकेटर

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हरियाणा हरिकेन के नाम से मशहूर कपिल देव भारतीय युवा क्रिकेटरों के लिए बड़ी प्रेरणा बन गए थे जब उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने दो बार की पूर्व वर्ल्ड चैंपियन वेस्टइंडीज को हराकर पहली बार वनडे वर्ल्ड कप खिताब 1983 में जीता था। कपिल देव ने भारत को विश्व चैंपियन बनाने में गेंद और बल्ले से जबरदस्त सहयोग किया था.

गावस्कर ने बताया उन्होंने उस विश्व कप के दौरान किस तरह से भारत को विषम परिस्थिति से गेंद और बल्ले की मदद से बाहर निकला. यही नहीं गावस्कर के अनुसार कपिल टीम के बेस्ट फिल्डरों में से भी एक रहे.इस विषय पर बातचीत के दौरान गावस्कर ने कहा कि,

‘वो गेंद और बल्ले के साथ मैच जीत सकते थे. वो विकेट लेता था और आपके लिए मैच जीतता था. वो शतक बना सकते थे साथ ही साथ 80-90 रन तेजी से बनाकर मैच बदल सकते थे. उन्होंने बल्ले से भी कमाल का प्रभाव डाला साथ ही गेंद से तो वो प्रभावशाली थे ही.यही नहीं आप उन कैचों को भी नहीं भूल सकते जो उन्होंने पकड़े थे. इसलिए वो संपूर्ण क्रिकटर थे.’

धोनी और कपिल देव में थी बहुत समनता

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एमएस धोनी को टीम इंडिया के कप्तान के तौर पर हमेशा ही दवाब में शांत रहने वाले कप्तान के रूप में पहचान मिली. वहीं गावस्कर ने ये भी बताया कि धोनी और कपिल देव में क्या समानता थी. धोनी और कपिल देव की कप्तानी की तुलना करते हुए  उन्होंने कहा कि,

‘धोनी और कपिल दोनों में काफी समानता थी. दोनों का खेल के प्रति समान अप्रोच था और दोनों को खेलना पसंद था. दोनों खिलाड़ियों को मुख्य आकर्षण बनना पसंद नहीं था और दोनों टीम के लिए सभी चीजें हासिल करना चाहते थे.”

आपको बता दें कि कपिल देव ने 1994 में क्रिकेट को अलविदा कहा था और उन्होंने भारत के लिए 131 टेस्ट व 225 वनडे मैच खेले थे. टेस्ट में उन्होंने 5248 रन बनाए थे और 434 विकेट लिए थे जबकि वनडे में उन्होंने 3783 रन बनाए थे और 253 विकेट अपने नाम किये हैं.