रवि शास्त्री
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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जब कोई खिलाड़ी पदार्पण करता है तो उसे एक काबिल गुरू की जरुरत होती है ताकि वो गुरू अपने शिष्य की प्रतिभा को पहचान कर उसे डांट फटकार कर मिट्टी से मटका बना सके, और यही काम रवि शास्त्री ने टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के साथ करके दिखाया है।

आपको बता दें, कि एक समय ऐसा भी था कि जब महेंद्र धोनी सिंह धोनी की टीम से दूरी बढ़ाने के बाद लोगों ने पंत को खिलाने की काफी सिफारिश की थी, लेकिन फिर वही लोग उनकी बुराई करने लगे थे और उन्हें टीम से बाहर करने की बात करने लगे थे और कहने लगे थे कि भारतीय टीम को जल्द ही उनके जगह दूसरा विकल्प लेकर आना चाहिए।

लेकिन ऋषभ पंत के गुरू रवि शास्त्री ने को उनकी प्रतिभा पर भरोसा जमाएं रखा और लोगों की आलोचनाओं को दरकिनार कर दिया, और पंत के उपर लगातार तीन चार महीने कड़ी मेहनत की है जिसके नतीजे सामने हैं। अब रवि शास्त्री ने खुद ऋषभ पंत तारीफ करते हुए कहा कि इस विकेटकीपर बल्लेबाज की कड़ी मेहनत ने अब रंग दिखाना शुरु कर दिया है, उन्होंने कहा पंत का इंग्लैंड के खिलाफ यहां चोथे और अंतिम टेस्ट में मैच का रुख बदलने वाला शतक घरेलू सरजमी पर छठे नंबर के बल्लेबाज द्वारा सर्वश्रेष्ठ जवाबी-आक्रमण वाली पारी थी।

यह हुई ऋषभ पंत और उनके कमबैक प्रदर्शन की बात जो रवि शास्त्री की बदौलत आई है, अब कुछ क्रिकेट विश्लेषकों का कहना कि अगर इतनी ही मेहनत शास्त्री तीन और खिलाड़ियो पर कर दे, तो उनका भी खेल दमदार हो सकता है, और वो तीन खिलाड़ी हैं।

संजू सैमसन

संजू सैमसन

भारतीय टीम युवा और प्रतिभाशाली 26 साल के विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को एक समय भारत के स्टार खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी के विकल्प के तौर पर देखा जाता था, क्योंकि घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन काफी दमदार था। संजू सैमसन पर भारत के कप्तान विराट कोहली एक समय इतना भरोसा करते थे उन्हें अपनी पौजीशन यानी नंबर तीन पर खेलने के लिए चुनने लगे थे।

अगर आईपीएल में उनके प्रदर्शन की बात करेंगे तो हम देखेंगे की उनका प्रदर्शन काफी रोचक रहा है, उन्हें अब तक आईपीएल में 107 मैच खेलने का मौका मिला है, जिसमें 133.75 की बेहतरीन स्ट्राइक रेट के साथ 2584 रन बनाए हैं। कई बार उन्होंने अकेले दम पर विपरीत परिस्थियों में राजस्थान रॉयल्स को जीत दिलाई है।

लेकिन अगर दूसरी  तरफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके प्रदर्शन को देखेंगे तो उन्होंने काफी निराश ही किया है। हांलाकि उन्हें अब तक मात्र 7 आतंरराष्ट्रीय टी-20 मैच ही खेलने का मौका मिला है, जिसमें उन्होंने उम्मीद के मुताबिक निराश ही किया, उन्होंने अब तक 7 मैचों में मात्र 83 रन ही बनाए हैं।

अब बहुत सारे क्रिकेट विश्लेषकों का कहना की जितनी मेहनत भारतीय कोच रवि शास्त्री ने ऋषभ पंत के उपर की है, अगर इतनी ही मेहनत और भरोसा कोच संजू सैमसन पर करदे तो वो भी भारतीय टीम में दमदार प्रदर्शन की बदौलत अपनी जगह पक्की कर सकते हैं।

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